उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन: शक्तियां, जिम्मेदारियां, सुविधाएं और वेतन

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन: शक्तियां, जिम्मेदारियां, सुविधाएं और वेतन

10 सितम्बर 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

National Desk: उपराष्ट्रपति का पद क्यों है खास? जानिए राधाकृष्णन की जिम्मेदारियां, शक्तियां, सुविधाएं और वेतन                                                                                                                        सीपी राधाकृष्णन भारत के 15वें उपराष्ट्रपति बनने जा रहे हैं। उन्होंने 9 सितंबर को हुए चुनाव में इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को हराया। राधाकृष्णन को 452 प्रथम वरीयता के वोट मिले जबकि रेड्डी को 300 वोट मिले। जगदीप धनखड़ के जुलाई में इस्तीफा देने के बाद यह पद खाली था। भारत का उपराष्ट्रपति देश का दूसरा सर्वोच्च संवैधानिक पद है। इसका कार्यकाल पांच वर्ष का होता है। कार्यकाल पूरा होने के बाद भी उपराष्ट्रपति तब तक पद पर बने रहते हैं, जब तक उनका उत्तराधिकारी शपथ नहीं ले लेता।

उपराष्ट्रपति की जिम्मेदारियां और शक्तियां

  • उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं।

  • वे संविधान और सदन से जुड़े नियमों की व्याख्या करने वाले अंतिम प्राधिकारी हैं।

  • उनके फैसले राज्यसभा में बाध्यकारी मिसाल बनते हैं।

  • दल-बदल कानून के तहत सदस्य की अयोग्यता तय करने का अधिकार उन्हीं के पास होता है।

  • राज्यसभा की कार्यवाही को सुचारु रखना, प्रश्नकाल की उत्पादकता बढ़ाना और सदन की मर्यादा बनाए रखना भी उनकी जिम्मेदारी है।

  • किसी भी विशेषाधिकार उल्लंघन नोटिस पर आगे की कार्रवाई सभापति की सहमति पर निर्भर करती है।

सुविधाएं और वेतन

उपराष्ट्रपति को संवैधानिक पद के अनुरूप वेतन, भत्ते और सुविधाएं मिलती हैं। साथ ही उन्हें सरकारी आवास, सुरक्षा, स्टाफ और अन्य आधिकारिक सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।

राधाकृष्णन के शपथ लेने के बाद यह देखना अहम होगा कि वे राज्यसभा और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने में किस तरह योगदान देते हैं।