वायुशक्ति-2026: 8 एयरबेस, 125+ फाइटर जेट, पोकरण से भारतीय वायुसेना दिखाएगी अभूतपूर्व एयर पावर

20 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर 

National Desk:  ऑपरेशन सिंदूर के बाद वैश्विक मंच पर अपनी ताकत का प्रभावी प्रदर्शन कर चुकी भारतीय वायुसेना (IAF) अब अपने इतिहास के सबसे बड़े युद्धाभ्यास की तैयारी में है। राजस्थान के पोकरण स्थित चांधन फील्ड फायरिंग रेंज में 12 फरवरी से मेगा एयर पावर एक्सरसाइज ‘वायुशक्ति-2026’ की शुरुआत होगी, जबकि इसका मुख्य आयोजन 27 फरवरी को किया जाएगा।
इस विशाल युद्धाभ्यास में 8 एयरबेस से 125 से अधिक लड़ाकू और सपोर्ट विमान दिन-रात उड़ान भरेंगे और दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमले की रणनीति का अभ्यास करेंगे। वायुशक्ति-2026 को भारतीय वायुसेना के अब तक के सबसे बड़े और सबसे जटिल वॉरगेम्स में से एक माना जा रहा है।
सुखोई-30 MKI और राफेल होंगे मिशन लीडर
इस अभ्यास की कमान वायुसेना के फ्रंटलाइन फाइटर जेट सुखोई-30 एमकेआई और राफेल संभालेंगे। ये विमान हवा-से-हवा और हवा-से-जमीन दोनों तरह के हमलों की अपनी घातक क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे।
दो मोर्चों पर युद्ध की तैयारी
वायुशक्ति-2026 का मुख्य फोकस दो मोर्चों पर एक साथ युद्ध की स्थिति में वायुसेना की तैयारी को परखना है। यह अभ्यास कोऑर्डिनेटेड एयर पावर कॉन्सेप्ट पर आधारित होगा, जिसमें आक्रामक और रक्षात्मक—दोनों तरह के मिशन शामिल रहेंगे।
24 फरवरी को फुल ड्रेस रिहर्सल, 27 को मेन शो
  • 24 फरवरी: फुल ड्रेस रिहर्सल
  • 27 फरवरी: मुख्य युद्धाभ्यास
मुख्य आयोजन के दिन करीब 6 घंटे तक लगातार एयर ऑपरेशंस चलेंगे। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
अत्याधुनिक मिसाइलों की झलक संभव
युद्धाभ्यास के दौरान राफेल लड़ाकू विमान से
  • मेटियोर एयर-टू-एयर मिसाइल
  • स्कैल्प क्रूज मिसाइल
के प्रदर्शन की भी संभावना है। मेटियोर को दुनिया की सबसे घातक हवा-से-हवा मार करने वाली मिसाइलों में गिना जाता है।
जोधपुर से होगा कंट्रोल, AWACS बनेगा ‘हवा में वॉर रूम’
पूरे अभ्यास का कमांड और कंट्रोल जोधपुर एयरबेस से किया जाएगा। वहीं, आसमान में तैनात AWACS करीब छह घंटे तक एक ‘फ्लोटिंग वॉर रूम’ की तरह पूरे ऑपरेशन की निगरानी और दिशा-निर्देशन करेगा।
वायुशक्ति-2026 के जरिए भारतीय वायुसेना न सिर्फ अपनी तकनीकी श्रेष्ठता और मारक क्षमता का प्रदर्शन करेगी, बल्कि यह भी साफ संदेश देगी कि भारत किसी भी सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।