Travel wisely, Haryana, Passengers, Travel, Buses Information, Dr. Bhimrao Ambedkar Jayanti, Prime Minister Narendra Modi, Airport Inauguration, Hisar Rallies, Roadways Buses, | हरियाणा में आज सोच समझ कर करें यात्रा: हिसार रैली के चलते रहेगी रोडवेज बसों की कमी, प्रत्येक डिपो से जा रही बसें – Narnaul News

हरियाणा में आज यात्रियों को सफर करने से पहले अपनी बसों की जानकारी लेकर चलना होगा, क्योंकि आज 14 अप्रैल को हिसार में डा. भीमराव अंबेडकर जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रदेश के दौरे पर होंगे। वे एयरपोर्ट का उद्घाटन करने के साथ ही हिसार व यमुनानगर

हरियाणा रोडवेज नारनौल की बस

हरियाणा रोडवेज नारनौल की बस

गांवों में भेज दी गई बसें इसके चलते 13 अप्रैल की शाम तक रोडवेज बसों को संबंधित गांवों में भेज दिया गया, ताकि समय रहते सुबह होने पर वे लोगों के लिए हिसार रैली के लिए रवाना हो सकें। इसके बाद जब रैली खत्म होगी, तब यही बसें उन लोगों को वापस लेकर आएंगी, जिसके उपरांत ही इन्हें फिर से रूटों पर उतारा जा सकेगा। अच्छी बसों का रहेगा ज्यादा टोटा, लंबे रूट होंगे प्रभावित रोडवेज प्रबंधकों को भेजे गए आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि रैली में जाने वाली बसें साफ-सुथरी व दुरुस्त हालत में हों। यहां तक कि सभी बसों में फर्स्ट एड बॉक्स तक होना चाहिए। बसें सही समय पर लोगों को पहुंचा सके, उसके लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं। विकल्प के तौर पर भी बस तैयार रखी जाए। ऐसे में अच्छी बसें रैली में चली जाएंगी तथा लंबे रूट के लोगों को परेशानी होगी नारनौल डिपो से चलती 145 बसें: वर्तमान में नारनौल डिपो से 145 रोडवेज बसें रूटों पर संचालित की जा रही हैं। इनमें से 44 बसों की ड्यूटी पीएम रैली में लगा दी गई है, जिस कारण डिपो केवल 101 बसें ही विभिन्न रूटों पर संचालित कर पाएगा। इन हालातों में यात्रियों को प्राइवेट वाहनों के साथ-साथ खुद के साधनों का भी इस्तेमाल करना पड़ सकता है।

इस तरह की बसें ज्यादा जाएंगी रैली में

इस तरह की बसें ज्यादा जाएंगी रैली में

आदेशानुसार भेजी जा रही बसें : महाप्रबंधक डिपो महाप्रबंधक अनित यादव का कहना है कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के चलते हिसार में बसें भेजने के लिए आदेश मिले हुए हैं। नारनौल डिपो से 44 बसें हिसार भेजी गई हैं। वैसे तो दिन की लगातार छुट्टियों के कारण बसों में कम ही भीड़भाड़ रहने की संभावना है। ऐसे में यदि जिस रूट पर यात्रियों की संख्या ज्यादा दिखाई देगी, वहां ऑप्शनल व्यवस्था की जाएगी। बसों के फेरे बढ़ा दिए जाएंगे। यात्रियों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।