29 अगस्त 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Himachal Desk: हिमाचल प्रदेश में लगातार तीन दिन से जारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। चंबा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति में 2000 से ज्यादा पर्यटक और मणिमहेश यात्री फंसे हुए हैं। इन इलाकों में पिछले तीन दिनों से मोबाइल नेटवर्क, बिजली और पानी की सप्लाई ठप है, जिससे पर्यटकों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई है।
लैंडस्लाइड और सड़क बंद
चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर कई जगह भूस्खलन हुआ है। मंडी जिले के ओट और बनाला में गाड़ियां मलबे में दब गईं। मंडी से कुल्लू मार्ग पर छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू हुई थी, लेकिन रात को फिर लैंडस्लाइड के चलते रास्ता बंद करना पड़ा। प्रशासन ने चंडीगढ़-मनाली फोरलेन शाम तक बहाल होने की उम्मीद जताई है।
चंबा में खतरा और नुकसान
चंबा में 4 दिन की भारी बारिश के चलते होली बाजार खतरे की जद में आ गया है। रावी नदी के तेज बहाव से बाजार और निचले इलाकों में भूमि कटाव हो रहा है। वहीं डलहौजी क्षेत्र में बादल फटने से 50 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है।
शैक्षणिक संस्थान बंद
कुल्लू जिले के बंजार और मनाली सब-डिवीजन में स्कूलों को बंद कर दिया गया है।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने ऊना, हमीरपुर, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों के लिए आज यलो अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार को यह अलर्ट कांगड़ा और बिलासपुर में भी लागू रहेगा। इस बीच, मंडी से सांसद कंगना रनौत ने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और कहा कि वह लगातार प्रशासन के संपर्क में हैं।
👉 हालात को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।