06 अक्टूबर 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Rashifal Desk: आज का पंचांग 6 अक्टूबर 2025: शरद पूर्णिमा व्रत और शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी 6 अक्टूबर 2025, सोमवार को आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि दोपहर 12:23 बजे तक रहेगी। इसके बाद पूर्णिमा तिथि आरंभ होगी, जिसे शरद पूर्णिमा के रूप में मनाया जाएगा।
आज का व्रत आज शरद पूर्णिमा का व्रत रखा जाएगा। यह पर्व विशेष रूप से स्वास्थ्य, समृद्धि और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
सूर्योदय और चंद्रोदय
सूर्योदय: सुबह 06:17 बजे
सूर्यास्त: शाम 06:01 बजे
चंद्रोदय: शाम 05:27 बजे
चंद्रास्त: सुबह 06:14 बजे (7 अक्टूबर)
पंचांग विवरण
तिथि: चतुर्दशी दोपहर 12:23 बजे तक, उसके बाद पूर्णिमा
नक्षत्र: उत्तरभाद्रपद रात 04:01 बजे तक, फिर रेवती
योग: वृद्धि दोपहर 01:14 बजे तक, फिर ध्रुव
करण: वणिज दोपहर 12:23 बजे तक, फिर विष्टि रात 10:53 बजे तक, उसके बाद बव
वार: सोमवार
पक्ष: शुक्ल पक्ष
संवत्सर और चंद्र मास
विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
गुजराती संवत: 2081 (नल)
चंद्र मास: आश्विन (पूर्णिमान्त)
गते: 20 दिन
राशि और ग्रह स्थिति
चंद्र राशि: मीन
सूर्य राशि: कन्या
सूर्य नक्षत्र: हस्त
नक्षत्र पद: उत्तर भाद्रपद पहले से चौथे पद तक, फिर रेवती
ऋतु और अयन
द्रिक ऋतु / वैदिक ऋतु: शरद
द्रिक अयन / वैदिक अयन: दक्षिणायण
दिनमान: 11 घंटे 44 मिनट 31 सेकंड
रात्रिमान: 12 घंटे 16 मिनट 01 सेकंड
मध्याह्न: दोपहर 12:09 बजे
आज के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:39 – 05:28
प्रातः सन्ध्या: सुबह 05:03 – 06:17
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:45 – 12:32
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:06 – 02:53
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:01 – 06:26
सायाह्न सन्ध्या: शाम 06:01 – 07:15
अमृत काल: रात 11:40 – 01:07 (7 अक्टूबर)
निशिता मुहूर्त: रात 11:45 – 12:34 (7 अक्टूबर)
आज के अशुभ समय
राहुकाल: सुबह 07:45 – 09:13
यमगंड: सुबह 10:41 – दोपहर 12:09
गुलिक काल: दोपहर 01:37 – 03:05
दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:32 – 01:19
वर्ज्य: दोपहर 02:58 – 04:25
भद्रा: दोपहर 12:23 – रात 10:53
आडल योग: रात 04:01 – सुबह 06:17 (7 अक्टूबर)
गण्ड मूल: रात 04:01 – सुबह 06:17 (7 अक्टूबर)
पंचक: पूरे दिन
बाण: मृत्यु बाण सुबह 10:56 से पूरी रात
अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
आनंदादि योग: गद रात 04:01 (7 अक्टूबर) तक अशुभ, फिर मातंग (शुभ)
तमिल योग: मरण रात 04:01 (7 अक्टूबर) तक, फिर अमृत योग
दिशा शूल: पूर्व
अग्निवास: आकाश दोपहर 12:23 तक
चंद्र वास: उत्तर दिशा
राहु वास: उत्तर-पश्चिम दिशा
भद्रावास: मृत्यु स्थान दोपहर 12:23 – रात 10:53
चंद्रबल और ताराबल
चंद्रबल: वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर, मीन
ताराबल: भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढा, श्रवण, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती
इस प्रकार आज शरद पूर्णिमा का व्रत और शुभ मुहूर्त सभी धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए अत्यंत लाभदायक हैं।













