04 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Rashifal Desk: 4 मार्च 2026, बुधवार को देशभर में रंगों का पर्व होली (धुलण्डी) धूमधाम से मनाया जा रहा है। यह पर्व प्रेम, भाईचारे और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है। लोग एक-दूसरे को गुलाल लगाकर और गले मिलकर खुशियां साझा करते हैं। आइए जानते हैं आज की तिथि, योग, नक्षत्र, शुभ-अशुभ मुहूर्त और ग्रहों की स्थिति।
📅 आज की तिथि और पंचांग विवरण
तिथि: कृष्ण प्रतिपदा – सायं 04:48 बजे तक
मास: चैत्र
दिन: बुधवार
संवत: 2082
योग: धृति – प्रातः 08:52 बजे तक
करण:
कौलव – सायं 04:48 बजे तक
तैतिल – 5 मार्च प्रातः 04:51 बजे तक
🌅 सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय: प्रातः 06:43 बजे
सूर्यास्त: सायं 06:23 बजे
चंद्रोदय: सायं 07:20 बजे
चंद्रास्त: प्रातः 07:30 बजे
🌞 ग्रहों की स्थिति
सूर्य देव: कुंभ राशि में
चंद्र देव: सिंह राशि में (दोपहर 01:45 बजे तक)
⭐ आज का नक्षत्र
नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी (प्रातः 07:39 बजे तक)
नक्षत्र स्वामी: शुक्रदेव
देवता: भग (प्रेम और विवाह के देवता)
प्रतीक: बिस्तर या पलंग
सामान्य विशेषताएं: रचनात्मक, मिलनसार, उदार, आकर्षक व्यक्तित्व, मधुर वाणी, लेकिन कभी-कभी अहंकार और दिखावे की प्रवृत्ति।
✅ आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: नहीं है
अमृत काल: 5 मार्च रात्रि 12:54 बजे से 02:32 बजे तक
⚠️ आज के अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 12:33 बजे से 02:00 बजे तक
गुलिकाल: प्रातः 11:06 बजे से 12:33 बजे तक
यमगण्ड: प्रातः 08:11 बजे से 09:38 बजे तक
🎨 होली (धुलण्डी) 2026 का महत्व
होली, हिंदू धर्म का प्रमुख त्योहार है, जिसे दिवाली के बाद दूसरा सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है। यह पर्व रंगों, उमंग और सामाजिक समरसता का प्रतीक है।
ब्रज क्षेत्र के मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, गोकुल, नंदगांव और बरसाना की होली विश्व प्रसिद्ध है। विशेष रूप से बरसाना की लट्ठमार होली का अलग ही आकर्षण होता है।
अधिकांश स्थानों पर यह पर्व दो दिन मनाया जाता है—
पहला दिन: होलिका दहन (छोटी होली)
दूसरा दिन: धुलण्डी, जब रंग-गुलाल से उत्सव मनाया जाता है।
होली हमें जीवन में प्रेम, सकारात्मकता और भाईचारे के रंग भरने की प्रेरणा देती है।













