21 अगस्त 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Rashifal Desk: आज भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है, जो दोपहर 12:44 बजे तक रहेगी। इसके बाद चतुर्दशी तिथि आरंभ होगी। इस दिन मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है और भगवान शिव-मां पार्वती की विधिवत पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस व्रत से साधक को सुख-शांति, समृद्धि और शिव कृपा की प्राप्ति होती है। इस बार मासिक शिवरात्रि पर कई शुभ योग भी बन रहे हैं, जिससे इसका महत्व और बढ़ गया है।
आज का पंचांग (21 अगस्त 2025)
दिन – गुरुवार
माह – भाद्रपद, कृष्ण पक्ष
संवत्सर – 2082
तिथि – त्रयोदशी दोपहर 12:44 बजे तक, इसके बाद चतुर्दशी
योग – व्यतीपात सायं 04:14 बजे तक
करण – वणिज दोपहर 12:44 बजे तक, फिर विष्टि (22 अगस्त रात 12:16 बजे तक)
सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय – प्रातः 05:53 बजे
सूर्यास्त – सायं 06:54 बजे
चंद्र उदय – 22 अगस्त, प्रातः 04:41 बजे
चंद्र अस्त – सायं 05:54 बजे
सूर्य राशि – सिंह
चंद्र राशि – कर्क
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त – 11:58 बजे से 12:50 बजे तक
अमृत काल – 05:49 बजे शाम से 07:24 बजे तक
अशुभ काल
राहुकाल – 02:02 बजे दोपहर से 03:39 बजे तक
गुलिकाल – 09:09 बजे से 10:46 बजे तक
यमगंड – 05:53 बजे से 07:31 बजे तक
आज का नक्षत्र
नक्षत्र – पुष्य (22 अगस्त, रात्रि 12:08 बजे तक)
नक्षत्र स्वामी – शनि
देवता – बृहस्पति
प्रतीक – कमल या गाय का थन
पुष्य नक्षत्र की विशेषताएं – इस नक्षत्र के जातक संवेदनशील, धैर्यशील, बुद्धिमान, कर्तव्यनिष्ठ और धर्मपरायण माने जाते हैं। इन्हें सहयोगी और परोपकारी स्वभाव का भी वरदान प्राप्त होता है।
👉 आज मासिक शिवरात्रि पर पूजा-अर्चना और व्रत का विशेष महत्व है। शुभ मुहूर्त में भगवान शिव का जलाभिषेक और मां पार्वती की पूजा करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है।