01 August 2025 Fact Recorder
Rashifal Desk: मासिक दुर्गाष्टमी 1 अगस्त 2025: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पंचांग से जुड़ी अहम जानकारी श्रावण शुक्ल अष्टमी तिथि यानी मासिक दुर्गाष्टमी पर मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। यह दिन साधना, भक्ति और व्रत के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि जो भी भक्त इस दिन श्रद्धा से व्रत रखता है और मां दुर्गा की उपासना करता है, उसे विशेष पुण्य और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
इस खास अवसर पर यहां जानें 1 अगस्त 2025 के पंचांग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां जैसे शुभ मुहूर्त, राहुकाल, चंद्र-ग्रह स्थिति और नक्षत्र।
🗓 पंचांग विवरण (1 अगस्त 2025, शुक्रवार)
तिथि: श्रावण शुक्ल पक्ष अष्टमी — पूर्ण रात्रि तक
वार: शुक्रवार
सूर्योदय: सुबह 5:43 बजे
सूर्यास्त: शाम 7:12 बजे
चंद्रोदय: दोपहर 12:32 बजे
चंद्रास्त: रात 11:28 बजे
सूर्य राशि: कर्क
चंद्र राशि: तुला
🌟 शुभ योग व करण
शुभ योग: प्रातः 5:30 बजे तक
करण:
विष्टि: शाम 6:10 बजे तक
बव: शेष रात्रि
🕉 शुभ समय (शुभ मुहूर्त)
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 से 12:54 बजे तक
अमृत काल: शाम 5:47 से 7:34 बजे तक
⚠️ अशुभ समय
राहुकाल: सुबह 10:46 से दोपहर 12:27 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 7:24 से 9:21 बजे तक
यमगंड काल: दोपहर 3:50 से शाम 5:31 बजे तक
🌙 नक्षत्र व ग्रह स्थिति
आज का नक्षत्र: स्वाति नक्षत्र, रात्रि 3:40 बजे तक
नक्षत्र स्वामी: राहु
देवता: वायु देव
प्रतीक: हवा में झुकती हुई कली
स्वभाव: स्वतंत्र, शांतप्रिय, करुणामय, बुद्धिमान, मर्यादित व्यवहार वाले
✨ विशेष टिप्स
आज दुर्गाष्टमी पर व्रत के साथ माता रानी की लाल वस्त्र, कुमकुम, अक्षत और पुष्पों से पूजा करें।
दुर्गा सप्तशती या अष्टमी मंत्रों का पाठ करें।
कन्या पूजन करने से विशेष पुण्य लाभ मिलता है।
अभिजीत या अमृत काल में पूजन करना श्रेष्ठ रहेगा।