चंबा, 31 अगस्त 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Himachal Desk: डल झील का जलस्तर अचानक बढ़ा, मणिमहेश यात्रा में तबाही; श्रद्धालुओं ने सुनाई आपबीती भारी बारिश ने मणिमहेश यात्रा को दहला दिया। सुबह-सुबह हुई तेज बरसात से डल झील का जलस्तर अचानक बढ़ गया और कुछ ही देर में झील का पानी सैलाब बनकर नीचे की ओर उमड़ पड़ा। तेज बहाव ने मार्ग पर तबाही मचा दी, जिससे श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, परिक्रमा मार्ग कुछ ही पलों में पानी से भर गया। गौरीकुंड, सुंदरासी, धन्छो, दोनाली और हड़सर तक बने कई पुल और पगडंडियां बह गईं। रास्ते में लगी दुकानें और लंगर भी पानी की धारा में समा गए। श्रद्धालु परिवारों को संभालते हुए चीखते-चिल्लाते सुरक्षित स्थान की ओर भागे।
श्रद्धालुओं का दर्द चंबा के भलेई निवासी अभिषेक राजपूत (27) ने बताया कि वह 18 अगस्त को यात्रा पर निकले थे और 20 अगस्त को मणिमहेश पहुंचे। 24 अगस्त की सुबह उन्होंने झील का उफान अपनी आंखों से देखा। उनके अनुसार पानी इतना तेज था कि झील से निकलकर नीचे तक सब कुछ तबाह करता गया। वापसी में उन्हें केवल गौरीकुंड का पुल सुरक्षित मिला, बाकी सब जगह तबाही का मंजर था।
प्राकृतिक आपदा का गहरा घाव इस आपदा ने कई परिवारों को अपूरणीय क्षति पहुंचाई। राजस्थान के संगम ने बताया कि वह अपने भाई के साथ यात्रा पर आए थे, लेकिन बाढ़ के कारण दोनों बिछड़ गए। आठ दिन गुजरने के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिला। इसी तरह जम्मू के राहुल शर्मा और सौरभ ठाकुर ने बताया कि पानी के तेज बहाव में उनके माता-पिता और भाई-बहन बह गए। वहीं, जम्मू की मोनिका अपनी बहन और जीजा से बिछड़ गईं और प्रशासन से मदद की गुहार लगा रही हैं।
राहत और खोज अभियान जारी स्थानीय प्रशासन और बचाव दल लगातार राहत कार्य में जुटे हुए हैं। हालांकि कई श्रद्धालु सुरक्षित लौट आए, लेकिन लापता लोगों की तलाश अब भी जारी है। श्रद्धालुओं ने कहा कि यह अनुभव भयावह था, लेकिन सुरक्षित लौटने पर वे भगवान का शुक्रगुजार हैं।