26 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Business Desk: क्रिसमस के बाद भारतीय रुपये की हालत अचानक बिगड़ गई है। शुक्रवार को करेंसी मार्केट में आरबीआई का प्रभाव कमजोर पड़ने, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और डॉलर की बढ़ती मांग के चलते रुपये में तेज गिरावट दर्ज की गई। एक डॉलर के मुकाबले रुपया फिर से 90 के स्तर के करीब पहुंच गया है। बाजार जानकारों का मानना है कि कारोबारी सत्र के दौरान रुपया 90 का स्तर भी पार कर सकता है।
शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 23 पैसे टूटकर 89.94 पर आ गया। इंटरबैंक फॉरेन करेंसी एक्सचेंज में रुपया 89.84 पर खुला था, लेकिन दबाव बढ़ने के साथ इसमें और गिरावट आई। इससे पहले बुधवार को भी रुपया 8 पैसे गिरकर 89.71 पर बंद हुआ था। क्रिसमस के चलते गुरुवार को बाजार बंद रहे थे, जिसके बाद शुक्रवार को कमजोरी साफ दिखी।
जानकारों के अनुसार घरेलू शेयर बाजार में गिरावट, आयातकों की ओर से डॉलर की मांग, अमेरिका के साथ ट्रेड डील में देरी और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की लगातार बिकवाली से निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर महीने में अब तक विदेशी निवेशक 13,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की निकासी कर चुके हैं।
फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स के अनिल कुमार भंसाली के मुताबिक, छुट्टियों के दौरान कम कारोबार और एफपीआई की डॉलर खरीदारी से रुपये पर दबाव बना हुआ है। वहीं महीने के अंत में डॉलर की मांग और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भी रुपये की कमजोरी की बड़ी वजह बनी हुई हैं।











