25 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Business Desk: लोकसभा ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए फाइनेंस बिल 2026 को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही केंद्र सरकार के बजट में घोषित कई अहम प्रस्तावों को कानूनी आधार मिल गया है। वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने यह विधेयक सदन में पेश किया था, जिसे अब पारित कर दिया गया है।
यह वित्त विधेयक सरकार के बजट प्रस्तावों को लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके तहत आयकर दरों, शुल्कों और अन्य करों में किए गए बदलाव प्रभावी होंगे, जिससे आम लोगों और कारोबारियों दोनों की आय, खर्च, बचत और निवेश पर असर पड़ सकता है।
बजट के प्रमुख प्रस्ताव
बजट 2026-27 में आर्थिक विकास को तेज करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर खास जोर दिया गया है। सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर और निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) आधारित विस्तार पर ध्यान दिया है।
इसके अलावा ‘युवाशक्ति’ जैसे कार्यक्रमों के जरिए युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास को प्रोत्साहन देने की योजना है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को लोन और इंसेंटिव के माध्यम से समर्थन देने का भी प्रस्ताव है।
मैन्युफैक्चरिंग, उद्योग और कृषि क्षेत्रों को उत्पादन आधारित योजनाओं, औद्योगिक कॉरिडोर, सिंचाई परियोजनाओं और ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर से फायदा मिलने की उम्मीद है। वहीं ग्रीन एनर्जी, डिजिटल गवर्नेंस, शहरी विकास और कनेक्टिविटी को भी बजट में प्राथमिकता दी गई है।
सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और पोषण जैसे क्षेत्रों में मानव पूंजी के विकास पर भी जोर दिया है। इसके साथ ही कल्याणकारी योजनाओं, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) और कमजोर वर्गों के लिए सहायता कार्यक्रमों को मजबूत करने की बात कही गई है।
टैक्स से जुड़े बड़े बदलाव
बजट भाषण में सरकार ने कई टैक्स सुधारों की घोषणा की थी। हालांकि आयकर स्लैब और स्टैंडर्ड डिडक्शन को वित्त वर्ष 2025-26 की तरह ही बरकरार रखा गया है।
सरकार 1 अप्रैल 2026 से एक नया इनकम टैक्स एक्ट लागू करने जा रही है, जिसका उद्देश्य टैक्स नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाना है ताकि करदाताओं के लिए अनुपालन (Compliance) आसान हो सके।
विदेश यात्रा पैकेजों पर टीसीएस (Tax Collected at Source) और शिक्षा व मेडिकल उद्देश्यों के लिए लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत भेजी जाने वाली राशि पर टीसीएस की दर घटाकर 2% कर दी गई है।
इसके अलावा संशोधित आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है। हालांकि इस बजट में आयु-आधारित किसी अतिरिक्त टैक्स छूट का प्रावधान नहीं किया गया है।













