05 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Sports Desk: लियोनल मेसी बनाम क्रिस्टियानो रोनाल्डो—यह सिर्फ दो फुटबॉलरों का मुकाबला नहीं, बल्कि एक पूरे युग की कहानी है। फीफा वर्ल्ड कप 2026 को लेकर चर्चा तेज है कि क्या फुटबॉल इतिहास की सबसे महान प्रतिद्वंद्विता का यह आखिरी अध्याय होगा। अगर दोनों दिग्गज इस टूर्नामेंट में आमने-सामने आते हैं, तो दांव सिर्फ एक मैच का नहीं, बल्कि विरासत और इतिहास का होगा।
मेसी और रोनाल्डो की प्रतिद्वंद्विता ने 2008 के बाद वैश्विक फुटबॉल को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। 2009 के यूईएफए चैंपियंस लीग फाइनल में पहली बार बड़े मंच पर दोनों आमने-सामने आए, जहां मेसी की बार्सिलोना ने रोनाल्डो की मैनचेस्टर यूनाइटेड को हराया। इसके बाद रोनाल्डो के रियल मैड्रिड जाने से ‘एल क्लासिको’ दुनिया का सबसे बड़ा फुटबॉल शो बन गया।
लगभग एक दशक तक दोनों सुपरस्टार हर सीजन एक-दूसरे को चुनौती देते रहे। इस दौर में गोल, रिकॉर्ड और ट्रॉफियों की होड़ ने फुटबॉल को नई पहचान दी। मेसी ने सात बैलन डी’ओर जीते, जबकि रोनाल्डो के खाते में पांच बैलन डी’ओर आए। यह सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धियां नहीं थीं, बल्कि उस युग की पहचान थीं, जब पूरी दुनिया फुटबॉल को इन्हीं दो नामों के इर्द-गिर्द देखती थी।
अब दोनों यूरोप से बाहर खेल रहे हैं। मेसी अमेरिका में इंटर मियामी का हिस्सा हैं, जबकि रोनाल्डो सऊदी प्रो लीग में अल नास्र के लिए खेल रहे हैं। इसे करियर का अंतिम दौर कहा जा सकता है, लेकिन दोनों ने अपने प्रदर्शन से साबित किया है कि उम्र के बावजूद उनकी क्लास बरकरार है।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि यह संभवतः दोनों का आखिरी विश्व कप हो सकता है। मेसी अपने अंतरराष्ट्रीय भविष्य को लेकर चुप्पी बनाए हुए हैं, वहीं रोनाल्डो यह संकेत दे चुके हैं कि संन्यास दूर नहीं। ऐसे में यह टूर्नामेंट एक युग की विदाई का मंच बन सकता है।
आंकड़े बताते हैं कि दोनों अभी भी अपनी-अपनी राष्ट्रीय टीमों के लिए बेहद अहम हैं। मेसी ने हाल के वर्षों में लगातार गोल किए और अर्जेंटीना को कोपा अमेरिका का खिताब दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई। वहीं, रोनाल्डो पुर्तगाल के लिए निर्णायक गोल करते रहे हैं और युवा खिलाड़ियों के बीच अब भी प्रेरणा बने हुए हैं।
टीम-मेट्स और दिग्गज भी मानते हैं कि इनकी मौजूदगी सिर्फ मैदान पर नहीं, बल्कि ड्रेसिंग रूम में भी असर डालती है। दोनों का नेतृत्व और अनुभव बड़े मैचों में टीम को अतिरिक्त बढ़त देता है।
अगर इस ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्विता को विदाई कहने का सबसे सही मंच है, तो वह वर्ल्ड कप ही है। फैंस का सपना है कि 2026 के फाइनल में मेसी बनाम रोनाल्डो देखने को मिले, हालांकि टूर्नामेंट के समीकरण ऐसे भी हो सकते हैं कि यह टक्कर क्वार्टरफाइनल या सेमीफाइनल में ही हो जाए।
जो भी हो, एक बात तय है—अगर फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मेसी और रोनाल्डो आमने-सामने आते हैं, तो वह सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि फुटबॉल इतिहास का यादगार अध्याय होगा।













