कार्यालय जिला लोक संपर्क अधिकारी, फाजिल्का
सीमावर्ती गांवों के लोगों ने कहा कि जब बीएसएफ है तो डर क्या ?
-लोग दे रहे हैं बीएसएफ को धन्यवाद
फाजिल्का, 16 मई, 2025 Fact Recorder
भारत-पाक सीमा पर स्थित फाजिल्का जिले में जय जवान जय किसान का संगम देखने को मिल रहा है। बीएसएफ के जवान अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा में तैनात हैं, जबकि जिले के किसान जीरो लाइन के ठीक बगल में फसल उगाकर देश की खाद्य सुरक्षा की जिम्मेदारी उठा रहे हैं। इन सीमावर्ती गांवों के लोगों के दिलों में देशभक्ति कूट-कूट कर भरी है और वे सीमा सुरक्षा बल को धन्यवाद देते हुए कहते हैं कि जब सीमा पर बीएसएफ की सतर्क निगाहें तैनात हैं तो फिर डर कैसा?
इस क्षेत्र में सीमावर्ती लोगों और बीएसएफ के बीच हमेशा अच्छा समन्वय रहता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि हमारे बीएसएफ बल ने लोगों में यह विश्वास पैदा किया है कि बीएसएफ के रहते पश्चिम से कोई खतरा सीमा पार नहीं कर सकता । लोगों का कहना है कि बीएसएफ की तैनाती हमारी सुरक्षा की गारंटी है।
पाकिस्तान के साथ हाल ही में हुए तनाव के बाद अब स्थिति सामान्य हो गई है और किसानों ने अपनी दैनिक गतिविधियां फिर से शुरू कर दी हैं। पुरुष खेतों में खरीफ फसल की तैयारी और धान की रोपाई आदि में व्यस्त हैं, जबकि महिलाएं घरेलू कामों और दुधारू पशुओं की देखभाल में व्यस्त हैं।
सीमा पर स्थित पक्का चिश्ती गांव के वसन सिंह कहते हैं कि बीएसएफ से हमारा नियमित संपर्क रहता है और वे हर तरह से हमारी मदद करते हैं। इसी गांव के लखविंदर सिंह कहते हैं कि बीएसएफ हमारे साथ बहुत अच्छा व्यवहार करती है।
गांव बेरी वाला के नामदेव और गुरमीत सिंह का कहना है कि यह बल न केवल सीमाओं की रक्षा कर रहा है, बल्कि नशा तस्करों पर नियंत्रण करने में भी बड़ी भूमिका निभा रहा है। पक्का चिश्ती के इंकलाब गिल कहते हैं कि बीएसएफ को देखकर हमारे सीमावर्ती गांवों के युवाओं में सेना और बीएसएफ में भर्ती होने की इच्छा पैदा होती है।
गांव गंजुआना के कृष्ण कुमार ने बताया कि गांव में किसान बिना किसी डर के अगली फसल की तैयारी कर रहे हैं। खेत तैयार किये जा रहे हैं। जनजीवन सामान्य हो गया है और लोग राहत महसूस कर रहे हैं, क्योंकि सीमा और देश के रक्षक बीएसएफ के जवान दिन-रात हमारी सुरक्षा में लगे रहते हैं।
जिला उपायुक्त अमरप्रीत कौर संधू का कहना है कि बीएसएफ और सीमावर्ती गांवों के लोगों के बीच सहयोग अनुकरणीय है। जिस दृढ़ संकल्प के साथ लोगों ने बीएसएफ का समर्थन किया है, वह न केवल लोगों के देश के प्रति प्रेम का प्रमाण है, बल्कि यह बीएसएफ और लोगों के बीच बनी घनिष्ठता का भी प्रतीक है।