19 March 2025: Fact Recorder
हरियाणा के महेंद्रगढ़ के मोहल्ला ढाणी में स्थित माता मसानी मंदिर प्राचीन काल से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। बताया गया है कि इस मेले से 104 गांव की मान्यता जुड़ी हुई है। महिला व पुरुष मेले में पहुंचकर माता के मंदिर में माथा टेक कर मन्नत मांगे।
समस्त मोहल्ला वासियों व क्षेत्र वासियों के सहयोग से माता मसानी का मेला लगता है। महिलाएं रात को भोजन बनाती है चावल, बाजार व दही जो अगले दिन सुबह भोग लगाकर माता की पूजा अर्चना की जाती है। इसलिए इसको बासोड़ा का त्यौहार भी कहते हैं। इस दिन अधिकतर घरों में रात का बनाया हुआ भोजन ही खाया जाता हैं। इस अवसर पर छोटे बच्चों को माता की धोक दिलवा कर परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।
मोहल्ला ढाणी स्थित माता मसानी मंदिर पर हर वर्ष होली के बाद बुधवार को मेला लगता है। इससे पहले सोमवार को डुलाना रोड पर शीतला माता मंदिर पर पूजा अर्चना की जाती है। मंगलवार को महिलाएं गर्म भोजन बनाकर घरों के आगे माता की पूजा करती है। उसके बाद बुधवार को माता का विशाल मेला लगता है। मेले की पूर्व संध्या पर विशाल जागरण होता है। जहां हलवा व चने का प्रसाद वितरित किया जाता है। इस मेले में महिलाएं व पुरुष मंगलवार रात 12 बजे के बाद से ही माता की पूजा अर्चना के लिए घरों से निकल पड़ते है। सुबह तक मंदिर परिसर में काफी भीड़ देखने को मिलती है। मेले में पुलिस कर्मचारी के साथ मंदिर कमेटी के सदस्य व्यवस्था बनाने के लिए सहयोग देते हैं।

शीतला माता मंदिर में सोमवार को लगी लाइन का (फाइल फोटो)
मेला मंदिर कमेटी प्रधान चेतन यादव, उप प्रधान धर्मेंद्र व राकेश कुमार ने बताया कि मेला अवसर पर जागरण में मुख्य अतिथि पूर्व विधायक राव दान सिंह जबकि मेला अवसर पर मुख्य अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र पाटोदिया होंगे। इस अवसर पर कुश्ती दंगल का आयोजन भी होता है जिसमें दूर दराज के खिलाड़ी भाग लेते हैं।
कार्यक्रम में नजर आती है हरियाणवी संस्कृति की झलक
मेले में हर बार ढप्फ मंडली कार्यक्रम का आयोजन विशेष आकर्षण का केंद्र होता है। यह कार्यक्रम दोपहर 2 बजे से शुरू होकर रात तक चलता है। जिसमें हरियाणवी संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। इस कार्यक्रम में क्षेत्र व दूर दराज से ढप्फ मंडलीय पहुंचकर अपनी प्रस्तुतियां देती है। जिससे इस परंपरा को बचाए रखने का संदेश देते हैं।












