अहमदाबाद विमान हादसे से एअर इंडिया को बड़ा झटका, 15,000 करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका

22 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Business Desk:  टाटा ग्रुप और सिंगापुर एयरलाइंस की जॉइंट वेंचर एअर इंडिया के लिए बीता साल बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुआ है। वर्षों के घाटे से निकलकर मुनाफे की राह पर बढ़ रही एयरलाइन को अहमदाबाद में हुए दर्दनाक विमान हादसे ने गहरे आर्थिक संकट में डाल दिया है। सूत्रों के अनुसार, 31 मार्च को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष में कंपनी करीब 15,000 करोड़ रुपये के भारी नुकसान की रिपोर्ट दर्ज कर सकती है। इस हादसे ने न केवल सैकड़ों जिंदगियां छीनीं, बल्कि एयरलाइन की वित्तीय स्थिति को भी गंभीर रूप से कमजोर कर दिया।

हादसे से पहले एअर इंडिया इस साल ‘ऑपरेशनल ब्रेक-ईवन’ हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रही थी। लेकिन जून में हुए ड्रीमलाइनर हादसे, जिसमें 240 से अधिक लोगों की जान गई, ने कंपनी की प्रगति पर ब्रेक लगा दिया। इसके बाद भारत-पाकिस्तान सैन्य तनाव के चलते पाकिस्तान द्वारा भारतीय विमानों के लिए एयरस्पेस बंद किए जाने से हालात और बिगड़ गए। यूरोप और अमेरिका की उड़ानों को लंबा रूट अपनाना पड़ा, जिससे ईंधन और संचालन लागत में भारी बढ़ोतरी हुई।

लगातार बढ़ते घाटे से टाटा ग्रुप और सिंगापुर एयरलाइंस दोनों ही चिंतित हैं। बताया जा रहा है कि मौजूदा मैनेजमेंट द्वारा पेश किया गया पांच साल का पुनर्गठन प्लान बोर्ड को रास नहीं आया और उसे खारिज कर दिया गया। बोर्ड का मानना है कि एयरलाइन को पटरी पर लाने के लिए कहीं ज्यादा तेज और कठोर सुधारों की जरूरत है। इसी बीच नेतृत्व परिवर्तन की भी चर्चा तेज हो गई है और नए सीईओ की तलाश शुरू कर दी गई है, हालांकि अंतिम फैसला हादसे की जांच रिपोर्ट के बाद लिया जा सकता है।

आंकड़ों पर नजर डालें तो एअर इंडिया की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर रही है। बिजनेस इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में कंपनी को कुल 32,210 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। पिछले साल ही एयरलाइन ने 10,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता मांगी थी। 2024 में विस्तारा के विलय के बाद एअर इंडिया में 25.1 फीसदी हिस्सेदारी लेने वाली सिंगापुर एयरलाइंस पर भी इस घाटे का असर दिखने लगा है, जिससे उसकी कमाई पर दबाव बढ़ गया है।