ADAG मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त: सीबीआई-ईडी को निष्पक्ष जांच के निर्देश, चार हफ्ते में स्टेटस रिपोर्ट मांगी

04 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

National Desk: अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (ADAG) से जुड़े कथित बैंकिंग धोखाधड़ी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय जांच एजेंसियों को कड़ी फटकार लगाते हुए निष्पक्ष और तटस्थ जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कहा कि जांच किसी भी दबाव या पूर्वाग्रह के बिना की जाए।

न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने सीबीआई और ईडी को चार सप्ताह के भीतर ताजा स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया। कोर्ट ने टिप्पणी की कि जांच शुरू करने में एजेंसियों को पहले ही काफी समय लग चुका है और अब इसमें और देरी नहीं होनी चाहिए।

अदालत ने ईडी को वरिष्ठ अधिकारियों की एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित कर ADAG और उससे जुड़े अन्य पक्षों की जांच करने का निर्देश भी दिया। वहीं, अनिल अंबानी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी और श्याम दीवान को जनहित याचिका (PIL) पर जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया गया है।

विदेश यात्रा पर भी दिया आश्वासन
सुनवाई के दौरान अनिल अंबानी के देश छोड़ने पर रोक लगाने की मांग का रोहतगी ने विरोध किया। उन्होंने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि अनिल अंबानी भारत में ही रहेंगे और अदालत की अनुमति के बिना विदेश नहीं जाएंगे। इस पर जांच एजेंसियों की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि संबंधित व्यक्ति की विदेश यात्रा रोकने के लिए पहले से कई लुक-आउट सर्कुलर (LOC) जारी किए गए हैं।

अदालत ने दिया अंतिम अवसर
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और ईडी से सीलबंद लिफाफे में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। 18 नवंबर को अदालत ने केंद्र सरकार, सीबीआई, ईडी, अनिल अंबानी और रिलायंस ADAG को नोटिस जारी किया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह सभी पक्षों को जवाब दाखिल करने का अंतिम अवसर है।

यह जनहित याचिका पूर्व नौकरशाह ई.ए.एस. सरमा द्वारा दायर की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस ADAG की कई कंपनियों में सार्वजनिक धन की सुनियोजित हेराफेरी, वित्तीय आंकड़ों में कथित गड़बड़ी और संस्थागत स्तर पर मिलीभगत हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिए हैं कि जांच की प्रगति पर वह कड़ी नजर बनाए रखेगा।