16 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Himachal Desk: सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को मिलने वाले राजस्व घाटा अनुदान (Revenue Deficit Grant) को बंद किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। मंडी में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अनुदान कोई खैरात नहीं, बल्कि राज्य का संवैधानिक अधिकार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को यह अनुदान संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत मिलता रहा है। वर्ष 1952 से शुरू हुई इस व्यवस्था के तहत पिछले 70 से अधिक वर्षों से राज्य को यह वित्तीय सहायता मिलती आ रही थी। उन्होंने चेतावनी दी कि इसे अचानक बंद करना हिमाचल की अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।
अपने मंडी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कांगणीधार में लगभग 152 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक ज्यूडिशियल कोर्ट कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास भी किया। इस कार्यक्रम में सूर्यकांत और गुरमीत सिंह संधावालिया भी मौजूद रहे।
इसके बाद संस्कृति सदन में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की विभिन्न उपलब्धियों का जिक्र किया और कहा कि नया कोर्ट कॉम्प्लेक्स बनने से न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आएगी तथा दूरदराज से आने वाली जनता को सुलभ और त्वरित न्याय मिल सकेगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को याद करते हुए कहा कि संविधान केवल कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की आकांक्षाओं का प्रतीक है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने मौलिक अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी पूरी जिम्मेदारी के साथ पालन करें।













