18 जुलाई 2025 फैक्टर रिकॉर्डर
Health Desk: अक्सर कई लोग पेट फूलने की समस्या से परेशान रहते हैं, जिसके पीछे मुख्य कारण खाने-पीने की गलत आदतें और जीवनशैली की गलतियां होती हैं। तेजी से खाना, ठीक से न चबाना, और साथ में ज्यादा हवा निगल जाना पेट में गैस बनने का कारण बनता है। इसके अलावा, राजमा, छोले, दालें, पत्तागोभी, फूलगोभी जैसी गैस उत्पन्न करने वाली सब्जियां, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, सोडा और कृत्रिम मिठास वाले उत्पाद भी पेट फूलने में योगदान देते हैं। कुछ लोगों को लैक्टोज इंटॉलरेंस या ग्लूटेन सेंसिटिविटी के कारण भी यह समस्या होती है, क्योंकि उनका शरीर इन चीज़ों को पचाने में असमर्थ होता है।
जीवनशैली की भी गलत आदतें जैसे शारीरिक गतिविधि की कमी, तनाव, कम पानी पीना, च्युइंग गम चबाना या खाना खाते वक्त बात करना पेट फूलने की समस्या को बढ़ा सकते हैं। तनाव के कारण पाचन तंत्र प्रभावित होता है, जिससे गैस और कब्ज जैसी समस्याएं होती हैं। अनियमित खान-पान और देर रात भोजन करना भी इस परेशानी को और बढ़ाता है।
पेट फूलने से बचाव के लिए कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं। भोजन को अच्छे से चबाकर धीरे-धीरे खाना चाहिए ताकि कम हवा पेट में जाए और पाचन बेहतर हो। गैस बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करें और कोल्ड ड्रिंक, सोडा तथा कृत्रिम मिठास से बचें। फाइबर युक्त आहार को धीरे-धीरे अपनी दिनचर्या में शामिल करें और पर्याप्त पानी पिएं ताकि कब्ज न हो। साथ ही, रोजाना कम से कम 30 मिनट कसरत करें ताकि आंतों की कार्यक्षमता सही रहे। मानसिक तनाव कम करने के लिए योग और ध्यान को भी अपनाना लाभकारी होगा। छोटे-छोटे भोजन कई बार करना, च्युइंग गम से बचना और दही या प्रोबायोटिक सप्लीमेंट्स लेना पाचन सुधारने में मदद करता है।
यदि पेट फूलने की समस्या लगातार बनी रहे या बहुत ज्यादा दर्द हो तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। यह लेख चिकित्सा रिपोर्ट्स और विशेषज्ञ सलाह के आधार पर तैयार किया गया है ताकि आप आसानी से अपनी जीवनशैली में बदलाव कर पेट फूलने की समस्या से छुटकारा पा सकें।











