महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल: राहुल गांधी के डिनर में उद्धव, PM मोदी से मिलीं सुप्रिया सुले

महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल: राहुल गांधी के डिनर में उद्धव, PM मोदी से मिलीं सुप्रिया सुले

08 अगस्त 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

National Desk: क्या महाराष्ट्र में खिंच रही हैं नई सियासी लकीरें? एक दिन में दिल्ली में दिखा सियासी संग्राम
दिल्ली/मुंबई, 8 अगस्त 2025
महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर नए मोड़ पर खड़ी नजर आ रही है। एक ही दिन में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में घटे राजनीतिक घटनाक्रमों ने महाविकास आघाड़ी की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

एक तरफ शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने INDIA गठबंधन की बैठक में हिस्सा लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला, तो दूसरी तरफ उनकी सहयोगी पार्टी एनसीपी (शरद पवार गुट) की वरिष्ठ नेता सुप्रिया सुले ने उसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यही नहीं, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी प्रधानमंत्री से शिष्टाचार भेंट की।

🔍 सुप्रिया सुले की ‘संकेतात्मक’ मुलाकात?
सुप्रिया सुले की पीएम मोदी से मुलाकात तब और भी अहम मानी जा रही है जब उन्हें राहुल गांधी की अध्यक्षता में बुलाई गई INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल होना था। उन्होंने बैठक को छोड़कर प्रधानमंत्री से मिलने का विकल्प चुना, हालांकि बाद में वह राहुल गांधी द्वारा आयोजित डिनर में भी शामिल हुईं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकात केवल “औपचारिक” नहीं थी, बल्कि इसके पीछे कोई रणनीतिक संकेत हो सकते हैं।

🧭 एकनाथ शिंदे की फैमिली विज़िट – या कुछ और?
दिल्ली में एकनाथ शिंदे ने पूरे परिवार के साथ प्रधानमंत्री से मुलाकात की। साथ ही उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ एक अहम बैठक भी की, जिसमें महाराष्ट्र की “राजनीतिक अस्थिरता” को लेकर चर्चा हुई। गौरतलब है कि बीते दिनों से शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस के बीच तनातनी की खबरें लगातार चर्चा में हैं।

🧩 प्रियंका चतुर्वेदी की ‘शिष्टाचार भेंट’ भी बनी चर्चा का विषय
शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी प्रधानमंत्री से मुलाकात की, जिसे उन्होंने औपचारिक बताया। लेकिन जिस दिन महाविकास आघाड़ी और केंद्र के बीच सियासी बयानबाज़ी तेज थी, उसी दिन यह भेंट कई सवाल खड़े कर गई।

⚖️ क्या महाविकास आघाड़ी में सब कुछ ठीक है?
सुप्रिया सुले पहले भी केंद्र सरकार के प्रति नरम रुख दिखा चुकी हैं। वहीं, शरद पवार के बयानों में भी कई बार अप्रत्यक्ष समर्थन देखा गया है। अब जब उद्धव ठाकरे खुलेआम केंद्र पर निशाना साध रहे हैं, ऐसे में उनकी सहयोगी का प्रधानमंत्री से मिलना महज संयोग नहीं माना जा रहा।

🧨 INDIA गठबंधन में भी गहराई हलचल
सूत्रों की मानें तो INDIA गठबंधन के कई नेताओं ने निजी तौर पर मुलाकात की टाइमिंग पर नाराजगी जताई है। विश्लेषकों का मानना है कि महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी की पकड़ ढीली पड़ती दिख रही है।

🧾 निष्कर्ष: एकजुटता या नई राजनीतिक रेखाएं?
उद्धव ठाकरे का तीखा हमला, सुप्रिया सुले की पीएम से मुलाकात, शिंदे की फैमिली विजिट और प्रियंका चतुर्वेदी की शिष्टाचार भेंट — ये सभी घटनाएं एक ही दिन में घटित होना महज संयोग नहीं कहा जा सकता।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है —
क्या महाविकास आघाड़ी अंदर से कमजोर हो रही है?
या फिर महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर नया समीकरण गढ़ने की दिशा में बढ़ रही है?

आने वाले हफ्ते इस राजनीतिक पहेली का जवाब तय करेंगे।