11 नवंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Sports Desk: भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका टेस्ट सीरीज: 16 मुकाबलों में सिर्फ चार बार जीती टीम इंडिया, 8 बार प्रोटियाज का दबदबा
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टेस्ट मुकाबलों की शुरुआत साल 1992-93 में हुई थी। तब से अब तक दोनों टीमों के बीच 16 द्विपक्षीय टेस्ट सीरीज खेली जा चुकी हैं। इनमें से भारत ने केवल चार सीरीज जीती हैं, जबकि दक्षिण अफ्रीका ने आठ बार जीत दर्ज की है। चार सीरीज ड्रॉ पर समाप्त हुई हैं, जिससे यह साफ है कि टेस्ट क्रिकेट में अब तक प्रोटियाज का पलड़ा भारी रहा है।
14 नवंबर से नई जंग की शुरुआत
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच 14 नवंबर से दो टेस्ट मैचों की नई सीरीज शुरू होने जा रही है। यह सीरीज दोनों टीमों के लिए आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के लिहाज से बेहद अहम है। भारत फिलहाल अंक तालिका में तीसरे और दक्षिण अफ्रीका पांचवें स्थान पर है। इस सीरीज की जीत किसी भी टीम के फाइनल की राह आसान बना सकती है।
भारत में दबदबा, विदेश में संघर्ष
भारतीय टीम ने घरेलू धरती पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया है। भारत ने घर पर खेले गए सात में से चार टेस्ट सीरीज जीती हैं, जबकि दक्षिण अफ्रीका ने सिर्फ एक जीती है और दो ड्रॉ रहीं। वहीं, दक्षिण अफ्रीका की धरती पर भारत को कठिनाई का सामना करना पड़ा है — नौ सीरीज में से सात दक्षिण अफ्रीका ने जीती हैं और दो बराबरी पर खत्म हुईं।
भारत की पिछली जीत छह साल पुरानी
भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अब तक 1996, 2004, 2015 और 2019 में सीरीज जीती है। पिछली जीत को छह साल बीत चुके हैं। शुभमन गिल की कप्तानी में अब टीम इंडिया के पास एक बार फिर इतिहास दोहराने का मौका है।
सावधानी जरूरी, आत्मविश्वास बरकरार
पिछले साल न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू हार के बाद भारतीय टीम कोई जोखिम नहीं लेना चाहेगी। हालांकि, शुभमन गिल की अगुआई में हाल के महीनों में टीम का प्रदर्शन शानदार रहा है। इंग्लैंड के खिलाफ 2-2 की बराबरी और वेस्टइंडीज पर जीत टीम के आत्मविश्वास को बढ़ाती है।
दक्षिण अफ्रीका भी मजबूत लय में
वहीं, टेस्ट चैंपियन दक्षिण अफ्रीका की टीम भी शानदार फॉर्म में है। हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज 1-1 से बराबर करने के बाद टीम उत्साहित है। कागिसो रबाडा, केशव महाराज और साइमन हार्मर जैसे दिग्गज खिलाड़ियों की मौजूदगी टीम को मजबूती देती है।
दक्षिण अफ्रीका टीम:
तेम्बा बावुमा (कप्तान), एडेन मार्करम, रेयान रिकेल्टन, ट्रिस्टन स्टब्स, काइल वेरेन, डेवाल्ड ब्रेविस, जुबैर हमजा, टोनी डी जोर्जी, कॉर्बिन बॉश, वियान मुल्डर, मार्को यानसेन, केशव महाराज, सेनुरन मुथुसामी, कागिसो रबाडा, साइमन हार्मर।
चुनौती भरे इतिहास के बीच भारत के पास इस बार मौका है दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपने टेस्ट रिकॉर्ड को सुधारने का — सवाल सिर्फ इतना है कि क्या शुभमन गिल की टीम यह सूखा खत्म कर पाएगी?













