बटाला में पराली न जलाने की मुहिम में समाज सेवकों का सहयोग

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बटाला, 29 सितंबर 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Punjab Desk:  डिप्टी कमिश्नर गुरदासपुर की अगुवाई में जिले में पराली न जलाने के लिए चल रही मुहिम में समाज सेवक भी आगे आ रहे हैं। इस संबंध में बटाला के वरिष्ठ समाज सेवक मास्टर जोगिंदर सिंह अचली गेट ने किसानों से अपील की है कि वे झोने की पराली में आग न लगाएं।

किसानों को संबोधित करते हुए मास्टर जोगिंदर सिंह ने कहा कि पराली जलाने से खेतों के जीव-जंतुओं और पशु-पक्षियों को भी गंभीर नुकसान पहुंचता है। उन्होंने बताया कि खेतों में पराली जलाने से मिट्टी में मौजूद महत्वपूर्ण पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं, जिससे जमीन की उपजाऊ शक्ति पर भी बुरा असर पड़ता है। इसके अलावा, सड़कों के किनारे लगे पेड़ों को नुकसान होता है और धुएं से मानव स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों की सेहत को।

उन्होंने चेतावनी दी कि हर साल धुएं के कारण सड़क हादसे होते हैं, जिनमें कई निर्दोष लोग अपनी जान गंवा देते हैं। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष में आग लगाना किसानों के हित में नहीं है, बल्कि कीटों को नष्ट करके वे खुद ही नुकसान कर रहे हैं।

मास्टर जोगिंदर सिंह ने आगे बताया कि कृषि विशेषज्ञों ने भी किसानों से बार-बार अपील की है कि वे फसल अवशेष में आग न लगाएं ताकि पर्यावरण को इसके हानिकारक प्रभावों से बचाया जा सके।

उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले पराली के निपटान के लिए उपयुक्त मशीनरी उपलब्ध नहीं थी, लेकिन अब खेती की मशीनरी मौजूद है जिससे पराली खेतों में ही उपयोग की जा सकती है। पिछले साल कई किसानों ने पराली जलाने से बचकर समाज के लिए एक मिसाल पेश की है। मास्टर जोगिंदर सिंह ने सभी किसानों से आग्रह किया कि वे इसी मार्ग पर चलकर पर्यावरण की सुरक्षा में अपना योगदान दें।