29 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Business Desk: सर्राफा बाजार में सोना-चांदी ने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। चांदी पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गई है, जबकि सोना भी 1.75 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के नए शिखर पर कारोबार कर रहा है। इस बेमिसाल तेजी ने निवेशकों से लेकर शादी-विवाह की खरीदारी करने वालों तक सभी को हैरान कर दिया है। बाजार में सवाल यही है कि कीमतों में यह आग आखिर क्यों लगी और आगे क्या रुख रह सकता है?
पिछले 24 घंटों में चांदी ने जबरदस्त छलांग लगाई। MCX पर इसका भाव 4,07,456 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया, वहीं दिल्ली समेत देश के बड़े सर्राफा बाजारों में भी ऑल-टाइम हाई दर्ज हुआ। खास बात यह है कि 4 लाख का आंकड़ा छूने के लिए चांदी को सिर्फ 15 हजार रुपये की जरूरत थी, जिसे उसने महज एक दिन में पूरा कर लिया। इससे पहले मंगलवार को ही चांदी में 40,500 रुपये की बड़ी उछाल देखी गई थी।
सोना भी इस रेस में पीछे नहीं रहा। MCX पर सोना 1,75,869 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया, जो अब तक का सर्वोच्च स्तर है। इससे पहले 99.9% शुद्धता वाला सोना 5,000 रुपये की तेजी के साथ 1,71,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। लगातार बढ़ती कीमतों ने आम खरीदारों की पहुंच से सोने-चांदी को दूर कर दिया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक इस तेजी के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय वजहें हैं। सबसे बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर की कमजोरी है। डॉलर में गिरावट आते ही निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोने-चांदी की ओर रुख करते हैं। इसके अलावा, दुनिया भर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और व्यापारिक अनिश्चितता ने भी कीमती धातुओं की मांग को मजबूत किया है। साथ ही, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की भविष्य की ब्याज दर नीतियों को लेकर अटकलें भी बाजार को सपोर्ट दे रही हैं।
कुल मिलाकर, कमजोर डॉलर, वैश्विक तनाव और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग ने सोने-चांदी की कीमतों में इस ऐतिहासिक उछाल को जन्म दिया है। आने वाले दिनों में यह तेजी थमेगी या और रफ्तार पकड़ेगी, इस पर अब पूरी नजर वैश्विक संकेतों और केंद्रीय बैंकों के फैसलों पर टिकी है।













