02 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Business Desk: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच कीमती धातुओं में जोरदार तेजी देखने को मिली है। अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमलों की खबरों के बाद निवेशकों ने सेफ-हेवन के तौर पर सोना-चांदी की खरीद बढ़ा दी।
वायदा बाजार में क्या हैं ताजा भाव?
अप्रैल 2026 गोल्ड फ्यूचर्स: 5,811 रुपये (3.5%) की तेजी के साथ 1,67,915 रुपये प्रति 10 ग्राम
5 मार्च 2026 सिल्वर फ्यूचर्स: 9,492 रुपये (3.5%) की तेजी के साथ 2,84,490 रुपये प्रति किलोग्राम
इंटरनेशनल मार्केट में:
स्पॉट गोल्ड करीब 1% बढ़कर 5,329 डॉलर प्रति औंस
स्पॉट सिल्वर 2% से ज्यादा उछलकर 95 डॉलर प्रति औंस
तेजी की वजह क्या है?
जियोपॉलिटिकल तनाव
डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता
फेडरल रिजर्व की नीतियों को लेकर चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट का तनाव लंबा खिंचता है तो सोना नए रिकॉर्ड स्तर छू सकता है।
ट्रेडर्स के लिए अहम स्तर (MCX)
सोना
सपोर्ट: 1,60,600 – 1,58,800 रुपये
रेजिस्टेंस: 1,64,400 – 1,67,000 रुपये
चांदी
सपोर्ट: 2,78,000 – 2,71,000 रुपये
रेजिस्टेंस: 2,92,000 – 3,04,000 रुपये
विशेषज्ञों की राय है कि 1,63,300 रुपये के ऊपर सोने में खरीदारी की जा सकती है, जबकि चांदी 2,85,500 रुपये के ऊपर मजबूती दिखा सकती है।
क्या 2 लाख तक जाएगा सोना?
कमोडिटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, यदि वैश्विक तनाव और बढ़ता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड 6,000 डॉलर प्रति औंस और भारत में 2,00,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। हालांकि, यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि भू-राजनीतिक हालात किस दिशा में जाते हैं।
इस साल अब तक सोना 20% से ज्यादा चढ़ चुका है और लगातार सात महीनों की तेजी दर्ज कर चुका है — जो 1973 के बाद सबसे लंबी रैली मानी जा रही है।
निष्कर्ष:
फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए सपोर्ट-रेजिस्टेंस स्तरों और वैश्विक घटनाक्रम पर नजर रखनी चाहिए।













