मंडी, 14 अक्टूबर 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
यह मेला जिला प्रशासन की उस संवेदनशील सोच का प्रतीक है, जो विकास के साथ-साथ मानवीय मूल्यों और सामाजिक पुनर्वास को भी समान महत्व देती है। इस पहल का उद्देश्य आपदा प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करना और उन्हें पुनः आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित करना है।
आपदा के बाद आजीविका सशक्तिकरण की दिशा में संवेदनशील कदम
अपूर्व देवगन ने बताया कि राष्ट्रीय आजीविका मिशन और राज्य आजीविका मिशन के अंतर्गत इस मेले का आयोजन किया जा रहा है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों और कारीगरों के उत्पादों की बिक्री सुनिश्चित हो सके। उन्होंने आम नागरिकों से आग्रह किया कि वे बड़ी संख्या में इस मेले में भाग लें, दीपावली की खरीदारी कर आपदा प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करें।
स्थानीय उत्पाद बनेंगे आकर्षण का केंद्र
इस पहल में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, मंडी, तथा जिले के 260 स्वयं सहायता समूह सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। सभी 14 विकास खंडों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से क्लस्टर स्तरीय महासंघ और महिला मंडलों की भागीदारी सुनिश्चित करें।
मेले में आपदा प्रभावित परिवारों द्वारा निर्मित हस्तनिर्मित एवं स्थानीय उत्पादों की बिक्री की जाएगी। इससे इन परिवारों को न केवल आर्थिक सहायता मिलेगी, बल्कि समाज की मुख्यधारा से पुनः जुड़ने का अवसर भी प्राप्त होगा। मेले में कुल 24 नि:शुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यहाँ शाल, पट्टू, पाइन नीडल उत्पाद, वॉल हैंगिंग्स, सीरा, बड़ीयां , घी, शहद तथा दीपावली विशेष मिष्ठान जैसे कोदरे के लड्डू और नारियल बर्फी प्रमुख आकर्षण होंगे।













