22 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Rashifal Desk: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के गोचर और विशेष संयोग जीवन के विभिन्न पहलुओं पर गहरा प्रभाव डालते हैं। इसी कड़ी में 100 साल बाद एक दुर्लभ समसप्तक योग बन गया है, जो कई राशियों के लिए भाग्य और अवसरों की नई किरण लेकर आया है।
20 दिसंबर की सुबह 7:45 बजे शुक्र ग्रह ने धनु राशि में प्रवेश किया, जो 13 जनवरी 2026 तक यहीं रहेगा। इससे पहले शुक्र वृश्चिक राशि में थे, जहां उनका प्रभाव अपेक्षाकृत कम था। धनु राशि में प्रवेश करते ही शुक्र का प्रभाव अधिक खुला, सकारात्मक और विस्तारक माना जा रहा है। इस समय सूर्य और मंगल पहले से ही धनु राशि में हैं, जिससे यह योग और भी शक्तिशाली बन गया है।
धनु राशि में शुक्र का महत्व:
धनु राशि के स्वामी बृहस्पति हैं, जो ज्ञान, धर्म, भाग्य और विस्तार के कारक माने जाते हैं। शुक्र ग्रह प्रेम, सौंदर्य, कला, ऐश्वर्य और भौतिक सुखों का प्रतिनिधित्व करता है। जब शुक्र बृहस्पति की राशि में होता है, तो जीवन में संतुलन, विवेक और सुख-साधनों में वृद्धि होती है। हालांकि 15 दिसंबर से शुक्र अस्त अवस्था में हैं, इसलिए इनके प्रभाव में थोड़ी कमी हो सकती है, पर शुभ फल प्राप्त होंगे।
समसप्तक योग का दुर्लभ संयोग:
शुक्र के धनु में प्रवेश के साथ गुरु मिथुन में स्थित हैं। दोनों ग्रह एक-दूसरे के सप्तम भाव में होने के कारण समसप्तक राज योग बनता है, जो लंबे समय बाद उत्पन्न होता है।
इन 4 राशियों पर पड़ेगा विशेष प्रभाव:
मिथुन राशि: करियर में नए अवसर, संवाद कौशल में वृद्धि और व्यापार में लाभ के योग बनेंगे। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए समय अनुकूल है।
धनु राशि: आत्मविश्वास में वृद्धि, रुके हुए काम पूरे होने के योग और सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि होगी।
वृषभ राशि: आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, आय के नए स्रोत बन सकते हैं, पारिवारिक सुख और संपत्ति से जुड़े मामलों में लाभ।
तुला राशि: प्रेम संबंधों में मजबूती, दांपत्य जीवन में मधुरता और कला-कौशल से जुड़े कार्यों में सफलता के अवसर।
यह दुर्लभ ज्योतिषीय योग 100 साल में एक बार बनता है और इन राशियों के जीवन में सुख, समृद्धि और अवसरों की नई लहर ला सकता है।











