24 जुलाई 2025 फैक्टर रिकॉर्डर
Sports Desk: मैनचेस्टर टेस्ट में साई सुदर्शन का धमाका: 89 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा, बने गांगुली के बाद ऐसा करने वाले पहले लेफ्ट हैंडर मैनचेस्टर टेस्ट के पहले दिन टीम इंडिया के युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन ने इतिहास रच दिया। अपने टेस्ट करियर के सिर्फ दूसरे मुकाबले में खेलते हुए उन्होंने नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए 61 रन की अर्धशतकीय पारी खेली। इस पारी की खास बात यह रही कि सुदर्शन ने न सिर्फ टीम को मजबूत शुरुआत दी, बल्कि 89 साल पुराने रिकॉर्ड को भी ध्वस्त कर दिया।
🏏 151 गेंदों में 61 रन, तोड़ा कोटार रामास्वामी का रिकॉर्ड
1936 में मैनचेस्टर टेस्ट में कोटार रामास्वामी ने नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए 60 रन बनाए थे। 89 साल बाद साई सुदर्शन ने 151 गेंदों में 7 चौकों की मदद से 61 रन बनाकर उन्हें पीछे छोड़ दिया। अब वह इस मैदान पर नंबर-3 पर सबसे बड़ी पारी खेलने वाले तीसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं।
📊 मैनचेस्टर में नंबर-3 पर भारतीय बल्लेबाजों की टॉप पारियां:
अब्बास अली बेग – 112 रन (1959)
संजय मांजरेकर – 93 रन (1990)
साई सुदर्शन – 61 रन (2025)
🏅 गांगुली के बाद रचा इतिहास – 23 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा
इस पारी के साथ साई सुदर्शन, सौरव गांगुली के बाद नंबर-3 पर विदेश में 100 से ज्यादा गेंदें खेलने वाले दूसरे बाएं हाथ के भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। गांगुली ने 2002 में जिम्बाब्वे के खिलाफ 284 गेंदों पर 136 रन बनाए थे। अब सुदर्शन ने इंग्लैंड के खिलाफ 151 गेंदों में 61 रन बनाकर यह उपलब्धि हासिल की।
🌍 विदेशी जमीन पर 1296 दिनों बाद नंबर-3 से फिफ्टी
इतना ही नहीं, यह भी उल्लेखनीय है कि 1296 दिन बाद विदेशी धरती पर किसी भारतीय नंबर-3 बल्लेबाज ने अर्धशतक लगाया है। यही नहीं, पिछली 28 पारियों के बाद पहली बार किसी भारतीय नंबर-3 ने विदेश में पचास का आंकड़ा पार किया है।
🎙️ बांगर ने की तारीफ, पुजारा की जगह के दावेदार
मैच के दौरान कमेंट्री कर रहे पूर्व भारतीय बल्लेबाज और बैटिंग कोच संजय बांगर ने साई सुदर्शन की तकनीक और धैर्य की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, “साई ने चेतेश्वर पुजारा की जगह के लिए दावेदारी और मजबूत कर दी है। उनकी बल्लेबाजी में तकनीकी स्थिरता और रन बनाने की भूख साफ दिखाई देती है।”
निष्कर्ष:
साई सुदर्शन की यह पारी सिर्फ एक अर्धशतक नहीं थी, बल्कि कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुई। उन्होंने न केवल 1936 का रिकॉर्ड तोड़ा, बल्कि गांगुली जैसी महान बल्लेबाजी परंपरा की भी झलक दिखाई। अगर वह इसी तरह प्रदर्शन करते रहे, तो निकट भविष्य में भारत के टेस्ट मिडल ऑर्डर में उनकी जगह पक्की मानी जा सकती है।











