साबर डेयरी (अमूल) प्लांट से हरियाणा में दुग्ध उत्पादन को मिलेगा नया आयाम – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

Sabar Dairy (Amul) plant will give a new dimension to milk production in Haryana – Chief Minister Nayab Singh Saini

 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के “सहकार से समृद्धि” मंत्र ने सहकारी आंदोलन को दी नई दिशा- मुख्यमंत्री

चंडीगढ़,03 अक्टूबर 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Haryana Desk:  हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि साबर डेयरी (अमूल) प्लांट न केवल हरियाणा बल्कि पूरे उत्तर भारत की दुग्ध आवश्यकताओं की पूर्ति करेगा, साथ ही रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के “सहकार से समृद्धि” मंत्र ने सहकारी आंदोलन को नई दिशा दी है। वर्ष 2021 में सहकारिता मंत्रालय की स्थापना इसी सोच का परिणाम है, और आज ‘राष्ट्रीय सहकारिता नीति 2025’ इसी का एक महत्वपूर्ण प्रतिफल है।मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी आज रोहतक में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारा  साबर डेयरी (अमूल) प्लांट के विस्तार प्लांट के उद्घाटन   समारोह के अवसर पर अपना संबोधन दे रहे थे।

उन्होंने कहा कि अमूल केवल दूध और डेयरी उत्पादों का ब्रांड नहीं, बल्कि भारत के सहकारी आंदोलन की ताकत है। रोहतक का यह आधुनिक प्लांट दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत में दुग्ध उत्पादों की मांग पूरी करने के साथ- साथ  हरियाणा की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देगा। उन्होंने कहा कि यह प्लांट जनवरी 2015 में शुरू हुआ था और अब इसके विस्तार में 325 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। इस विस्तार के बाद यह प्लांट दही, छाछ और योगर्ट के उत्पादन का देश का सबसे बड़ा प्लांट बन गया है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को सहकारी संस्थाओं के माध्यम से कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध करवा रही है। हैफेड द्वारा उन्नत किस्म के बीज, खाद और कीटनाशक दवाइयाँ समय पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। शुगर फेडरेशन द्वारा गन्ना किसानों को 400 रुपये प्रति क्विंटल का मूल्य दिया जा रहा है और छह सहकारी चीनी मिलें संचालित की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि हरियाणा देश में दुग्ध उत्पादन में तीसरे स्थान पर है, जहाँ प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 1105 ग्राम प्रतिदिन है और वार्षिक उत्पादन 122 लाख 20 हजार टन तक पहुँच गया है। सहकारी दुग्ध समितियों के माध्यम से उत्पादकों को 2015 से ‘दुर्घटना बीमा योजना’ का लाभ दिया जा रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में इसकी बीमा राशि को बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों के सदस्य परिवारों की बेटियों के विवाह पर 1100 रुपये, छात्रवृत्ति योजना के तहत 10वीं व 12वीं में 80% से अधिक अंक लाने वाले बच्चों को 2100 से 5100 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आह्वान करते हुए कहा कि हम सब मिलकर सहकारी आंदोलन को और सशक्त बनाएं और एक समृद्ध, विकसित हरियाणा के निर्माण में योगदान दें। उन्होंने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह का विशेष धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि कि उनके कर-कमलों से इस डेयरी प्लांट का उद्घाटन होना हम सबके लिए प्रेरणादायक क्षण है।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, केंद्रीय राज्य सहकारिता मंत्री श्री कृष्ण पाल गुर्जर, हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल कौशिक,  गुजरात के खाद्य एवं आपूर्ति  राज्यमंत्री भीखू परमार,  सांसद धर्मबीर सिंह, राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा, साबर डेयरी के अध्यक्ष शामलभाई बी पटेल, अमूल के अध्यक्ष अशोक भाई चौधरी सहित अन्य गणमान्य व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।