03 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
International Desk: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच शांति वार्ता से ठीक पहले रूस ने यूक्रेन पर अब तक के सबसे बड़े हमलों में से एक को अंजाम दिया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने मंगलवार को बताया कि रूस ने रातभर में करीब 450 लंबी दूरी के ड्रोन और 70 तरह-तरह की मिसाइलों से देश के कई हिस्सों पर हमला किया। इस हमले का मुख्य निशाना बिजली ग्रिड और ऊर्जा केंद्र रहे, जिससे भीषण ठंड के बीच हजारों लोग बिजली और हीटिंग के बिना रहने को मजबूर हो गए हैं।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका की मध्यस्थता में रूस और यूक्रेन के बीच संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में शांति वार्ता प्रस्तावित है। इन वार्ताओं का उद्देश्य चार साल से जारी युद्ध को समाप्त करने की दिशा में रास्ता निकालना है, हालांकि मौजूदा हालात को देखते हुए किसी बड़े समझौते की संभावना कम ही नजर आ रही है।
जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने यूक्रेन के कम से कम पांच राज्यों में बिजली आपूर्ति से जुड़े ढांचों को निशाना बनाया। उनका आरोप है कि रूस जानबूझकर नागरिकों को ठंड, अंधेरे और कठिन हालात में धकेलने की नीति अपना रहा है। इस हमले में अब तक दस लोगों के घायल होने की सूचना है। जेलेंस्की ने इसे डर और दबाव बनाने की रणनीति बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यूक्रेन को और ज्यादा सुरक्षा उपकरण देने तथा रूस पर दबाव बढ़ाने की अपील की।
यूक्रेन की प्रमुख बिजली कंपनी डीटीईके ने पुष्टि की है कि हमले में उसके कई पावर प्लांट्स को गंभीर नुकसान पहुंचा है। राजधानी कीव में स्थिति सबसे ज्यादा प्रभावित रही, जहां राज्य आपातकालीन सेवा के अनुसार पांच लोग घायल हुए हैं। हमलों में कई रिहायशी मकानों, एक स्कूल और एक गैस स्टेशन को नुकसान पहुंचा, जबकि कुछ जगहों पर आग भी लग गई।
कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने बताया कि हमले के चलते शहर की 1,170 इमारतों में हीटिंग सिस्टम ठप हो गया था। हालांकि, मरम्मत कार्य तेजी से चलाया गया और अधिकांश इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। कुछ अपार्टमेंट और इमारतों में अभी भी स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है।
इसके अलावा रूस ने खारकीव और ओडिसा जैसे इलाकों को भी निशाना बनाया, जहां कई लोगों के घायल होने की खबर है। यूक्रेन की संस्कृति मंत्री टेटियाना बेरेजना ने बताया कि कीव में स्थित एक ऐतिहासिक संग्रहालय को भी हमले में नुकसान पहुंचा है। उन्होंने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे रूस की बर्बर और अस्वीकार्य कार्रवाई बताया।













