Rohtak 101 Kundiya Yajna New Year Jat College Arya Samaj Brahmachari Parvindra Arya Haryana | रोहतक में नव संवत पर 101 कुंडीय यज्ञ: जाट कॉलेज के मैदान में डाली गई आहुतियां, डॉ. कमल नारायण ने बताया यज्ञ महत्व – Rohtak News

रोहतक के जाट कॉलेज में 101 कुंडीय यज्ञ में आहूति डालते शहरवासी।

हरियाणा के रोहतक जिले में नव संवत के अवसर पर 101 कुंडीय यज्ञ का आयोजन जाट कॉलेज के मैदान में किया गया। यज्ञ का शुभारंभ वैदिक मंत्रों के साथ किया गया। इस अनुष्ठान में रोहतक जिले के सभी आर्य समाज से जुड़े संगठन शामिल हुए और आहूति डालते हुए लोक कल्याण की

आर्य समाज से ब्रह्मचारी परविंद्र आर्य ने बताया कि वैदिक नववर्ष व वैदिक सिद्धांत प्रदर्शनी का आयोजन नवरात्र के प्रथम दिन पर किया गया। चैत्र मास की प्रतिपदा से ही हिंदू नववर्ष यानि विक्रम संवत की शुरुआत होती है। इसलिए 30 मार्च को हिंदू नव संवत 2082 की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चारण के शुरू किए गए यज्ञ से की गई।

101 कुंडीय यज्ञ में आहूति डालते शहरवासी।

101 कुंडीय यज्ञ में आहूति डालते शहरवासी।

डॉ. कमल नारायण बने यज्ञ के ब्रह्मा जाट कॉलेज के मैदान में आयोजित 101 कुंडीय यज्ञ में छत्तीसगढ़ से डॉ. कमल नारायण यज्ञ ब्रह्मा के रूप में शामिल हुए। डॉ. कमल नारायण को यज्ञ में महारत हासिल की है। डॉ. कमल गुजरात के कच्छ में यज्ञ के माध्यम से लोगों को लाभांवित कर रहे है। कार्यक्रम में डॉ. कमल ने लोगों को यज्ञ का महत्व समझाया और हर घर में यज्ञ करने का संकल्प दिलाया।

यज्ञ करने से वातावरण होता है शुद्ध डॉ. कमल नारायण ने बताया कि यज्ञ करने से वातावरण शुद्ध हो जाता है। वायु प्रदूषण को यज्ञ के माध्यम से दूर किया जा सकता है, क्योंकि यज्ञ के अंदर जो आहूति के रूप में सामग्री डाली जाती है, वह कई प्रकार की औषधियों के परिपूर्ण होती है। यज्ञ का अपना साइंटिफिक महत्व है। यज्ञ से निकलने वाले धुंए के कारण हानिकारक बैक्टिरिया नष्ट हो जाते है।

101 कुंडीय यज्ञ में आहूति डालते शहरवासी।

101 कुंडीय यज्ञ में आहूति डालते शहरवासी।

यज्ञ का शहरवासियों ने उठाया फायदा 101 कुंडीय यज्ञ का शहरवासियों ने फायदा उठाया। सुबह साढे 9 बजे शुरू हुए 101 कुंडीय यज्ञ में लोगों ने आहूति डाली। इसके बाद भजनोपदेशकों ने अपनी गायन के माध्यम से जीवन की सच्चाई को सबके सामने रखा। भजन गायकों ने बताया कि यज्ञ का हिंदू धर्म में कितना महत्व है और पुरानी परंपराओं में भी यज्ञ शामिल है।