12 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Sports Desk: टीम इंडिया को टी20 वर्ल्ड कप 2024 और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 जिताने वाले कप्तान रोहित शर्मा के दिल में अब भी वनडे वर्ल्ड कप 2023 के फाइनल की कसक बाकी है। अहमदाबाद में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली हार उनके लिए एक अधूरी कहानी बन गई थी। अब हिटमैन ने साफ कर दिया है कि 2027 वनडे विश्व कप में उनका लक्ष्य सिर्फ खेलना नहीं, बल्कि ट्रॉफी जीतना है।
2023 की हार बनी सबसे बड़ी प्रेरणा
आईसीसी के एक कार्यक्रम में रोहित शर्मा ने कहा,
“मैं 50 ओवर का विश्व कप देखते हुए बड़ा हुआ हूं। यही मेरे लिए सबसे बड़ा मंच रहा है। मैं 2027 में सिर्फ हिस्सा लेने नहीं, बल्कि अपने देश के लिए विश्व कप जीतने उतरना चाहता हूं।”
यह बयान बताता है कि 2023 की हार ने उनके इरादों को कमजोर नहीं, बल्कि और मजबूत किया है।
उम्र पर सवाल, फिटनेस से दिया जवाब
टी20 और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद कई लोगों ने रोहित के 2027 तक खेलने पर सवाल उठाए थे। लेकिन बीते महीनों में उन्होंने फिटनेस पर जमकर काम किया है—वजन घटाया, फुर्ती बढ़ाई और मैदान पर नई ऊर्जा के साथ वापसी की।
हालांकि न्यूजीलैंड सीरीज में बल्ला खामोश रहा, लेकिन ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उनकी पारियां दिखाती हैं कि बड़े मैचों का खिलाड़ी अब भी पूरी तरह तैयार है।
अनुभव जो बन सकता है ताकत
रोहित शर्मा के वनडे आंकड़े उनकी सबसे बड़ी ताकत हैं।
अब तक खेले 282 वनडे मैचों में 11,577 रन,
जिसमें 33 शतक और 61 अर्धशतक शामिल हैं।
यह अनुभव 2027 में टीम इंडिया के लिए अमूल्य साबित हो सकता है, खासकर दबाव वाले मुकाबलों में।
मिशन 2027 की शुरुआत
रोहित के बयान से साफ है कि मिशन 2027 शुरू हो चुका है। लक्ष्य एक ही है—
2023 के फाइनल की टीस मिटाना और भारत के लिए वनडे विश्व कप की ट्रॉफी उठाना।
अब देखना यह होगा कि क्या हिटमैन अपने अनुभव, फिटनेस और जुनून के दम पर अधूरा सपना पूरा कर पाते हैं या नहीं।











