19 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Health Desk: वायु प्रदूषण अब सिर्फ फेफड़ों तक सीमित समस्या नहीं रहा, बल्कि यह दिमाग को भी गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है। एक हालिया रिसर्च में दावा किया गया है कि प्रदूषण सीधे तौर पर अल्जाइमर जैसी दिमागी बीमारी के खतरे को बढ़ा सकता है। अमेरिका में करोड़ों बुजुर्गों पर की गई इस स्टडी के अनुसार, हवा में मौजूद बेहद सूक्ष्म प्रदूषक कण सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर खून के माध्यम से दिमाग तक पहुंच जाते हैं। यह रिसर्च Emory University की रिसर्च टीम ने की है, जिसमें वर्ष 2000 से 2018 के बीच 65 साल या उससे अधिक उम्र के करीब 2.78 करोड़ लोगों के डेटा का विश्लेषण किया गया। अध्ययन में पाया गया कि ये सूक्ष्म कण दिमाग में सूजन पैदा करते हैं, न्यूरॉन्स के बीच संचार को कमजोर करते हैं और टाउ प्रोटीन के जमाव को बढ़ावा देते हैं, जो याददाश्त से जुड़े हिस्सों को नुकसान पहुंचाता है। खासतौर पर जिन लोगों को पहले स्ट्रोक हो चुका है, उनमें प्रदूषण के कारण अल्जाइमर का खतरा और अधिक पाया गया। रिसर्च में यह भी कहा गया है कि हालांकि प्रदूषण से हाई ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक और डिप्रेशन जैसी समस्याएं भी होती हैं, लेकिन सबसे बड़ा जोखिम अल्जाइमर को लेकर है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ज्यादा प्रदूषित इलाकों में रहने वाले लोगों, खासकर बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि वायु प्रदूषण न सिर्फ सांस की बीमारियां बढ़ा रहा है, बल्कि दिमागी सेहत के लिए भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है।













