शोध में खुलासा: काम के दबाव में बीमार हो रहे डॉक्टर, 48% को हाई बीपी और 23% डायबिटीज

31 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Health Desk: सरकारी अस्पतालों में दिन-रात मरीजों की सेवा में लगे डॉक्टर अब खुद गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं। नाइट शिफ्ट, बढ़ते कार्यभार, डॉक्टरों की कमी और मानसिक तनाव ने उनकी जीवनशैली पर गहरा असर डाला है, जिससे बड़ी संख्या में चिकित्सक हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और अन्य बीमारियों की चपेट में हैं।

जर्नल ऑफ मिड-लाइफ हेल्थ में प्रकाशित एक हालिया शोध के अनुसार, दिल्ली समेत सात राज्यों के 265 डॉक्टरों का अध्ययन किया गया। यह अध्ययन 2025 में ऑनलाइन माध्यम से चार महीने तक चला। इसमें डॉक्टरों की दिनचर्या, काम का दबाव और स्वास्थ्य मानकों का विश्लेषण किया गया। इस शोध का नेतृत्व एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. प्रभात अग्रवाल ने किया, जबकि कोलकाता और झारखंड के मेडिकल संस्थानों ने भी सहयोग दिया।

अध्ययन के नतीजों में सामने आया कि 48% डॉक्टर हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं, 23% को डायबिटीज और करीब 14% डॉक्टरों को हाई कोलेस्ट्रॉल, थायराइड और हृदय रोग जैसी समस्याएं हैं। इसके अलावा, कुछ डॉक्टरों में मोटापा और धूम्रपान की आदत भी पाई गई।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं, क्योंकि यह मरीजों के नहीं बल्कि इलाज करने वाले डॉक्टरों की स्थिति को दर्शाते हैं। यदि डॉक्टरों के काम के घंटे, मानसिक तनाव और वर्क-लाइफ बैलेंस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो इसका सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर पड़ेगा।