रिलायंस ने रोकी रूसी तेल की खरीद, कई सालों में सबसे निचले स्तर पर आ सकता है आयात; तीन हफ्तों से नहीं पहुंची कोई खेप

07 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Business Desk:  रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा रूस से कच्चा तेल नहीं खरीदे जाने के चलते जनवरी में भारत का रूसी तेल आयात कई वर्षों के निचले स्तर पर पहुंच सकता है। कंपनी ने साफ किया है कि उसे इस महीने रूस से तेल की किसी भी खेप के पहुंचने की उम्मीद नहीं है। रिलायंस के मुताबिक, पिछले तीन हफ्तों से उसकी गुजरात स्थित जामनगर रिफाइनरी में रूसी कच्चे तेल की कोई खेप नहीं आई है।

रिलायंस का यह बयान उस चेतावनी के बाद सामने आया है, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को दी थी। ट्रंप ने कहा था कि अगर भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखता है, तो अमेरिका भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क और बढ़ा सकता है। इसके बाद रिलायंस ने सोशल मीडिया के जरिए स्पष्ट किया कि जामनगर रिफाइनरी में बीते तीन सप्ताह से रूसी तेल की आपूर्ति पूरी तरह बंद है।

गौरतलब है कि 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भारत रियायती दरों पर मिलने वाले रूसी समुद्री कच्चे तेल का बड़ा खरीदार बनकर उभरा था। तब से अब तक भारत रूस से करीब 144 अरब यूरो मूल्य का कच्चा तेल आयात कर चुका है। इस अवधि में चीन 210.3 अरब यूरो के आयात के साथ रूस का सबसे बड़ा खरीदार रहा, जबकि भारत दूसरे स्थान पर था।

रूस से बड़े पैमाने पर तेल खरीद को लेकर पश्चिमी देशों ने कड़ी आपत्ति जताई है। उनका तर्क है कि तेल से होने वाली आय रूस के युद्ध प्रयासों को समर्थन देती है। इसी के चलते अमेरिका ने पिछले साल रूसी तेल की भारी खरीद को लेकर भारतीय वस्तुओं पर आयात शुल्क दोगुना करते हुए 50 फीसदी तक कर दिया था।

रूसी कच्चे तेल का इस्तेमाल पहले ही बंद कर चुकी है रिलायंस
20 नवंबर 2025 को रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बताया था कि उसने यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों का पालन करते हुए जामनगर स्थित अपनी निर्यात आधारित रिफाइनरी में रूसी कच्चे तेल का उपयोग बंद कर दिया है। उस समय रिलायंस भारत में रूस से तेल खरीदने वाली सबसे बड़ी कंपनी थी। जामनगर के रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स में दो रिफाइनरियां हैं, जहां कच्चे तेल को पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधनों में बदला जाता है।

तीन टैंकरों की खबर को बताया गलत
रिलायंस ने उन रिपोर्ट्स को भी पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि रूसी तेल से लदे तीन टैंकर जामनगर रिफाइनरी की ओर रवाना हो रहे हैं। कंपनी ने कहा कि यह खबर पूरी तरह गलत है। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि करीब 22 लाख बैरल यूराल ग्रेड रूसी कच्चे तेल से भरे कम से कम तीन जहाज सिक्का बंदरगाह की ओर जा रहे हैं, लेकिन रिलायंस ने इसे सिरे से नकार दिया है।