18 अगस्त 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Business Desk: जीएसटी स्लैब में बड़े बदलाव की तैयारी, 28% कर श्रेणी होगी समाप्त; आम उपभोक्ताओं को राहत मोदी सरकार ने 2017 के बाद से सबसे बड़े कर सुधार की दिशा में कदम बढ़ाते हुए जीएसटी दर संरचना में बड़ा बदलाव करने का ऐलान किया है। मौजूदा व्यवस्था में चार स्लैब – 5%, 12%, 18% और 28% हैं। नई व्यवस्था के तहत 28% कर स्लैब को समाप्त कर दिया जाएगा, जिसमें कारें और इलेक्ट्रॉनिक सामान शामिल हैं। इससे रोजमर्रा की कई वस्तुएं और उपभोक्ता उत्पाद सस्ते हो जाएंगे।
उपभोक्ताओं की जेब में बचेगा ज्यादा पैसा सरकार का मानना है कि इस फैसले से भले ही सालाना 20 अरब डॉलर तक का राजस्व घटेगा, लेकिन खपत और आर्थिक गतिविधि बढ़ेगी। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के अनुसार, टैक्स दरों में कटौती से सामान सस्ता होगा और खपत में तेजी आएगी। इसका असर एक साल में देश की जीडीपी ग्रोथ में 0.6% तक दिख सकता है। विश्लेषकों का कहना है कि आयकर में कटौती का लाभ सीमित वर्ग को मिलता है, जबकि जीएसटी कटौती का असर सभी पर होगा।
ऑटोमोबाइल सेक्टर को बड़ी राहत ऑटोमोबाइल उद्योग फिलहाल उच्चतम 28% स्लैब में आता है। नई संरचना के तहत इसे एकल स्लैब में रखा जाएगा, ताकि कारों की लंबाई और इंजन क्षमता के आधार पर वर्गीकरण से जुड़े विवाद खत्म हो सकें। दरें घटने से वाहनों की कीमतें कम होंगी और बिक्री में बढ़ोतरी की संभावना है।
आर्थिक और राजनीतिक असर विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न सिर्फ अर्थव्यवस्था को गति देगा बल्कि अमेरिका के साथ चल रहे टैरिफ विवादों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि को भी मजबूत करेगा। साथ ही, बिहार चुनाव जैसे अहम राजनीतिक मोर्चों पर भी सरकार को इसका फायदा मिल सकता है। शेयर बाजार पर भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है क्योंकि इसमें अब बड़ी संख्या में खुदरा निवेशक सक्रिय हैं।
अगले कदम जीएसटी दर युक्तिकरण पर मंत्रियों का समूह 21 अगस्त को चर्चा करेगा। इसके बाद केंद्र और राज्यों के वित्त मंत्री परिषद की बैठक में नई संरचना को अंतिम रूप देंगे। अधिकारियों के मुताबिक, यह बदलाव आर्थिक सुधारों की श्रेणी में सबसे ऊपर है और इसका मकसद है कि अधिकांश रोजमर्रा की वस्तुएं निचले कर दायरे में आ जाएं।













