राहुल गांधी को मिला दादा फिरोज गांधी का 1938 का ड्राइविंग लाइसेंस, मंच से ही सोनिया गांधी को किया फोन

21 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Politics Desk:  लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को मंगलवार को उत्तर प्रदेश के रायबरेली दौरे के दौरान एक खास तोहफा मिला। उन्हें उनके दादा और पूर्व सांसद फिरोज गांधी का वर्षों पुराना ड्राइविंग लाइसेंस सौंपा गया, जो 1938 में लंदन में बना था। यह लाइसेंस दशकों से एक स्थानीय परिवार द्वारा सहेजकर रखा गया था।

राहुल गांधी रायबरेली दौरे के दूसरे दिन एक स्थानीय क्रिकेट टूर्नामेंट के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे थे। इसी दौरान रायबरेली प्रीमियर लीग क्रिकेट टूर्नामेंट की आयोजन समिति के सदस्य विकास सिंह ने मंच पर उन्हें यह ऐतिहासिक ड्राइविंग लाइसेंस सौंपा। लाइसेंस हाथ में लेते ही राहुल गांधी भावुक हो गए।

मंच से ही राहुल गांधी ने अपनी मां और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को फोन किया और इस खास पल की जानकारी साझा की। उन्होंने बाद में ड्राइविंग लाइसेंस की एक तस्वीर भी व्हाट्सऐप के जरिए सोनिया गांधी को भेजी और अपनी खुशी जाहिर की।

कैसे मिला लाइसेंस?
विकास सिंह ने बताया कि यह ड्राइविंग लाइसेंस कई साल पहले रायबरेली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उनके ससुर को मिला था। उन्होंने इस दस्तावेज़ को बड़े जतन से संभालकर रखा। उनके निधन के बाद यह जिम्मेदारी सिंह की सास ने निभाई और लाइसेंस को सुरक्षित रखा। सिंह ने कहा, “जब हमें पता चला कि राहुल गांधी रायबरेली आ रहे हैं, तो हमें लगा कि यह ऐतिहासिक दस्तावेज़ उन्हें लौटाना हमारा कर्तव्य है।”

गौरतलब है कि फिरोज गांधी का जन्म दिसंबर 1912 में हुआ था। उन्होंने 1952 में भारत के पहले आम चुनाव में जीत दर्ज कर रायबरेली का प्रतिनिधित्व किया था। 7 सितंबर 1960 को उनका निधन हो गया था। दशकों बाद उनका ड्राइविंग लाइसेंस राहुल गांधी तक पहुंचना इस कार्यक्रम का सबसे भावुक और यादगार पल बन गया।