Rahat4Hours” टीम की लाधूका फ्लड राहत कैंप में शानदार सेवा

ज़िला फाज़िल्का में आई बाढ़ के कारण कई स्कूलों और गाँवों में पानी भर गया। इसके चलते सैकड़ों परिवार लाधूका राहत कैंप में रहने को मजबूर हैं।

07 सितम्बर 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Punjab Desk: लाधूका (पत्रकार): ज़िला फाज़िल्का में आई बाढ़ के कारण कई स्कूलों और गाँवों में पानी भर गया। इसके चलते सैकड़ों परिवार लाधूका राहत कैंप में रहने को मजबूर हैं। डिप्टी कमिश्नर (डीसी) मैडम श्रीमती अमरप्रीत कौर संधू, ज़िला प्रशासन, माननीय विधायक फाज़िल्का श्री नरिंदरपाल सिंह सवना, शिक्षा सचिव पंजाब और ज़िला शिक्षा अधिकारी (सीनियर सेकेंडरी शिक्षा) फाज़िल्का श्री अजय कुमार के दिशा-निर्देशों के अनुसार विभिन्न संस्थाएं और कर्मचारी सेवा व ड्यूटी कर रहे हैं। मौजूदा हालातों को देखते हुए श्री रजिंदर कुमार, नेशनल अवार्डी और प्रिंसिपल, सीनियर सेकेंडरी स्कूल लाधूका ने पहल करते हुए “Rahat4Hours” टीम बनाई है। यह टीम बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के दौरान बच्चों की शिक्षा और मनोरंजन दोनों को सुनिश्चित कर रही है।

इस टीम में श्री परवीन कुमार (लेक्चरार, शारीरिक शिक्षा), श्री राजप्रीत सिंह (वोकेशनल ट्रेनर), श्री अमनदीप वर्मा (कंप्यूटर शिक्षक), श्री नरेश कुमार (स. स. शिक्षक), सुखविंदर सिंह, श्री नवीन कुमार (फॉरेस्ट गार्ड), स्कूल के पूर्व विद्यार्थी सुमन, अमन कौर, नीतिका, राधा और डीसी मैडम द्वारा नियुक्त चाइल्ड हेल्पलाइन सुपरवाइज़र मैडम सीमा व मैडम हर्षरणजीत कौर भी अपना योगदान दे रहे हैं।

राहत कैंप में 120 से 150 विद्यार्थी रह रहे हैं। यहाँ बच्चों को हल्के-फुल्के ढंग से पढ़ाई से जोड़ा जा रहा है। कंप्यूटर शिक्षक श्री अमनदीप वर्मा कंप्यूटर विषय की जानकारी दे रहे हैं। श्री नरेश कुमार और हेल्पर्स कविताओं, कहानियों, छोटे नाटकों और सांस्कृतिक गतिविधियों के ज़रिए उन्हें स्कूल का माहौल याद दिला रहे हैं। प्रिंसिपल श्री रजिंदर कुमार बच्चों को समझा रहे हैं कि मुसीबत के समय भी शिक्षा से जुड़ाव नहीं तोड़ना चाहिए। टीम बच्चों को अनुशासन, साफ-सफाई और स्वास्थ्य के बारे में विशेष प्रशिक्षण दे रही है—जैसे खाने से पहले और बाद हाथ धोना, पशुओं के पास स्वच्छता रखना, बीमारियों से बचाव और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना।

बच्चों को यह भी सिखाया जा रहा है कि वे कम साधनों में भी खुश रहें और उपलब्ध भोजन सामग्री का संतोषपूर्वक सेवन करें। टीम उन्हें गुड टच-बैड टच, मोबाइल के सही उपयोग और दुरुपयोग से बचने की जानकारी भी दे रही है। उन्हें यह बताया जा रहा है कि मोबाइल केवल पढ़ाई और सही जानकारी हासिल करने के लिए इस्तेमाल करना चाहिए।

सामाजिक संस्थाओं और सेवादारों का योगदान:
कैंप में कई संस्थाएं, समाज सेवक और कलाकार पहुँच रहे हैं। मशहूर गायक हरख चीमा ने बच्चों को कॉपियाँ और पेन देकर उत्साहित किया। गड़वासू की वेटरनरी हेल्थ टीम ने बच्चों से मिलकर उन्हें सम्मानित किया। लर्न ओ लॉजिक संस्था ने 5100 रुपये का योगदान दिया। साबुआना की गौशाला कमेटी ने 500 रुपये दिए। जज श्री अरुण गुप्ता ने भी बच्चों को कॉपियाँ और पेन उपलब्ध कराए। राजस्थान, अनूपगढ़ से आए सेवादारों ने नकद राशि का योगदान दिया। अनूपगढ़ के गाँव 14ए की सर्व समाज संस्था के श्री कुलदीप सिंह और उनके साथियों ने स्कूल राहत केंद्र में राशन बाँटा। बीएसएफ की ओर से भी विशेष मदद की जा रही है।

डीसी मैडम का विशेष धन्यवाद:
प्रिंसिपल रजिंदर कुमार ने कहा कि यह सब प्रयास डीसी मैडम श्रीमती अमरप्रीत कौर संधू के सहयोग और उनके दिशा-निर्देशों के कारण ही संभव हुआ है। उन्होंने न सिर्फ कैंप लगाया बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता से संबंधित हर छोटी-बड़ी बात का ध्यान रखने के लिए विशेष प्रबंध भी किए।

राष्ट्रीय भावना से जोड़ना:
हर रोज़ कैंप में राष्ट्रगान, दुआएं और सामूहिक प्रार्थनाएं करवाई जाती हैं। बच्चों को यह विश्वास दिलाया जा रहा है कि यह प्राकृतिक आपदा जल्द खत्म होगी और वे फिर से अपने स्कूलों में नियमित शिक्षा प्राप्त करेंगे।