पंजाब में जल्द होगी स्थायी DGP की नियुक्ति, UPSC ने 10 दिन में IPS अधिकारियों का पैनल मांगा

25 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Punjab Desk:  Punjab में स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति का रास्ता साफ होता दिख रहा है। Union Public Service Commission (UPSC) ने कड़ा रुख अपनाते हुए पंजाब सरकार को पत्र भेजकर 10 दिनों के भीतर योग्य और वरिष्ठ IPS अधिकारियों का पैनल भेजने को कहा है। यह कदम Supreme Court of India के 5 फरवरी 2026 के आदेश के अनुपालन में उठाया गया है, जिसमें राज्यों को स्थायी DGP की नियुक्ति में देरी न करने के निर्देश दिए गए थे।

UPSC ने सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया था कि कई राज्य सरकारें 2006 के ऐतिहासिक Prakash Singh case के फैसले की अनदेखी कर रही हैं। इस फैसले में स्पष्ट किया गया था कि UPSC द्वारा तैयार पैनल में शामिल तीन सबसे वरिष्ठ IPS अधिकारियों में से किसी एक को DGP नियुक्त किया जाना चाहिए और उसका न्यूनतम कार्यकाल दो वर्ष का होना अनिवार्य है।

इस मुद्दे पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने कार्यवाहक DGP की प्रथा पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि यदि रिमाइंडर के बावजूद कोई राज्य UPSC को पैनल नहीं भेजता है, तो आयोग ऐसे राज्यों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने के लिए स्वतंत्र होगा।

2022 से कार्यवाहक DGP हैं गौरव यादव
पंजाब में जुलाई 2022 से 1992 बैच के IPS अधिकारी Gaurav Yadav कार्यवाहक DGP के रूप में कार्यरत हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के कुछ महीनों बाद उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई थी। तीन साल से अधिक समय तक कार्यवाहक DGP बनाए रखने को लेकर Bhagwant Mann सरकार पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।

गौरव यादव इससे पहले पंजाब पुलिस के खुफिया विंग का नेतृत्व कर चुके हैं और मुख्यमंत्री के विशेष प्रधान सचिव भी रह चुके हैं। उन्हें मुख्यमंत्री का करीबी अधिकारी माना जाता है।

UPSC प्रक्रिया पर CM की आपत्ति
जून 2023 में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह सवाल उठाया था कि पंजाब का DGP UPSC क्यों तय करे। इसी के तहत राज्य विधानसभा ने UPSC प्रक्रिया से अलग, राज्य-नियंत्रित सात सदस्यीय समिति के माध्यम से DGP चयन से जुड़ा संशोधन विधेयक पारित किया था। हालांकि यह विधेयक राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति के पास भेजे जाने के बाद से लंबित है।

अब UPSC के ताजा पत्र और सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद माना जा रहा है कि पंजाब सरकार को जल्द ही स्थायी DGP की नियुक्ति के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत पैनल भेजना होगा।