श्री गुरु रविदास जी के समानता संदेश को अगली पीढ़ी तक पहुँचाने की दिशा में पंजाब सरकार की अनूठी पहल

30 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Punjab Desk: करीब छह सदियों पहले श्री गुरु रविदास जी द्वारा दिए गए सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समानता के संदेश को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने के उद्देश्य से पंजाब सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य सरकार जालंधर जिले में डेरा बल्लां के पास श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र की स्थापना करेगी, जो देश में अपनी तरह की एक अनूठी पहल मानी जा रही है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इस अध्ययन केंद्र के लिए पंजाब सरकार ने 9 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 9 एकड़ से ज्यादा भूमि आवंटित की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं और विचारधारा को देश-दुनिया तक पहुँचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

तीन रजिस्ट्रियों के जरिए जमीन दर्ज

वित्त मंत्री ने बताया कि इस उद्देश्य के लिए कुल तीन रजिस्ट्रियां की गई हैं। इनमें

  • गांव नौगजा में 64 कनाल 5 मरले भूमि (लागत लगभग 5.41 करोड़ रुपये),

  • गांव फरीदपुर में पहली रजिस्ट्री 2 कनाल (लागत 16.74 लाख रुपये),

  • और गांव फरीदपुर में दूसरी रजिस्ट्री 10 कनाल 14 मरले (लागत 1.44 करोड़ रुपये) शामिल है।

इन तीनों रजिस्ट्रियों का कुल क्षेत्रफल 76 कनाल 19 मरले है, जिसकी कुल लागत 7.02 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।

समानता, करुणा और सामाजिक न्याय का संदेश

हरपाल सिंह चीमा ने कहा,
“हमें इस नेक कार्य में योगदान देने पर गर्व है। हमारी सरकार श्री गुरु रविदास जी द्वारा दिए गए समानता, करुणा और सामाजिक न्याय के सार्वभौमिक संदेश को फैलाने के लिए समर्पित है।”

उन्होंने यह भी कहा कि यह अध्ययन केंद्र आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान और प्रेरणा का एक मजबूत केंद्र बनेगा।

शोध, संरक्षण और प्रचार होगा उद्देश्य

सरकार के मुताबिक, श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र का मुख्य उद्देश्य सेमिनारों, प्रकाशनों और समुदाय-आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं का शोध, संरक्षण और व्यापक प्रचार करना है। यह पहल नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने और सामाजिक-आर्थिक असमानताओं को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।