पंजाब सरकार द्वारा हर क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के सराहनीय प्रयास कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस लगातार कर रहे हैं स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी

पंजाब सरकार राज्य के हर क्षेत्र में हर वर्ग के लोगों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। स्वास्थ्य सेवाएं

पेट में कीड़े बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास पर डालते हैं बुरा असर

कीरतपुर साहिब, 12 अगस्त 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Punjab Desk: पंजाब सरकार राज्य के हर क्षेत्र में हर वर्ग के लोगों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में सरकार ने कोई कमी नहीं छोड़ी है। कैबिनेट मंत्री श्री हरजोत सिंह बैंस अपने विधानसभा क्षेत्र में लगातार स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी कर रहे हैं, ताकि लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने का पंजाब सरकार का वादा पूरा हो सके।

कीरतपुर साहिब स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के इंचार्ज डॉ. जंगजीत सिंह ने बताया कि पेट में कीड़े होने से बच्चों में कुपोषण और खून की कमी हो जाती है, जिसके कारण बच्चा हमेशा थका हुआ महसूस करता है और उसके संपूर्ण शारीरिक व मानसिक विकास में बाधा आती है। इसलिए बच्चों को एल्बेंडाज़ोल की गोली देना बेहद जरूरी है।

डॉ. जंगजीत सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार समय-समय पर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी की अच्छी सेहत के लिए प्रयास करती रहती है। इसी कड़ी में हाल ही में पेट के कीड़ों से मुक्ति संबंधी राष्ट्रीय दिवस मनाया गया, जिसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने आंगनवाड़ी केंद्रों और स्कूलों में जाकर 19 साल तक के बच्चों को पेट के कीड़े मारने की दवाई दी। उन्होंने बताया कि जो बच्चे किसी कारणवश यह दवाई नहीं ले पाए हैं, उन्हें यह दवाई 14 अगस्त को दी जाएगी।

ब्लॉक एक्सटेंशन एजुकेटर रतिका ओबरोए ने बताया कि रूपनगर की सिविल सर्जन डॉ. बलविंदर कौर के निर्देशानुसार, डॉ. जंगजीत सिंह ने कीरतपुर साहिब स्थित स्कूल ऑफ एमिनेंस का दौरा किया। उन्होंने प्रिंसिपल शरणजीत सिंह की मौजूदगी में विद्यार्थियों को पेट के कीड़ों से बचाव के लिए एल्बेंडाज़ोल की गोलियां वितरित कीं और खाने से पहले अच्छे से हाथ धोने के महत्व के बारे में जागरूक किया। इस अवसर पर सी.ओ. भरत कपूर, कुलविंदर सिंह और नर्सिंग कॉलेज की छात्राएं मौजूद रहीं।