13 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: भारत और अमेरिका के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर पंजाब में सियासी माहौल गर्मा गया है। आम आदमी पार्टी ने इस समझौते को भारतीय किसानों और व्यापारियों के लिए घातक बताते हुए वीरवार को पंजाब के कई जिलों में जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी ने केंद्र सरकार के खिलाफ किए गए भारत बंद को पूर्ण समर्थन देते हुए सड़कों पर उतरकर विरोध जताया।
प्रदर्शन के दौरान ‘आप’ के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भारत–अमेरिका एफटीए के विरोध में लिखी तख्तियां हाथों में लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अमेरिका के दबाव में आकर देश के हितों से समझौता किया है और यह व्यापारिक समझौता तुरंत रद्द किया जाना चाहिए।
किसानों की कमर तोड़ देगा समझौता: मोहिंदर सिंह सिद्धू
‘आप’ के किसान विंग अध्यक्ष मोहिंदर सिंह सिद्धू ने कहा कि यह समझौता भारतीय कृषि व्यवस्था की कमर तोड़ देगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संधि के तहत अमेरिका को डेयरी समेत अन्य कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में बिना टैक्स बेचने की छूट दी गई है। इससे अमेरिकी उत्पाद बेहद सस्ते दामों पर उपलब्ध होंगे और स्थानीय किसान व डेयरी संचालक पूरी तरह नुकसान में चले जाएंगे।
असमान टैक्स व्यवस्था, व्यापारियों के साथ अन्याय: रणजीत पाल सिंह
‘आप’ के ट्रेड विंग महासचिव रणजीत पाल सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार का यह फैसला अन्नदाताओं और व्यापारियों दोनों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि जहां अमेरिकी उत्पादों पर भारत में कोई टैक्स नहीं लगेगा, वहीं भारतीय व्यापारियों को अमेरिका में अपने उत्पादों पर 18 प्रतिशत तक टैक्स देना होगा। यह किसी भी तरह से बराबरी का सौदा नहीं है।
आर्थिक गुलामी की ओर कदम: सतवीर सिंह बख्शीवाला
पार्टी महासचिव सतवीर सिंह बख्शीवाला ने इस एफटीए को आर्थिक गुलामी की ओर बढ़ाया गया कदम बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार देश की अर्थव्यवस्था को विदेशी कंपनियों के हवाले कर रही है, जिससे किसान, व्यापारी और आम नागरिक सभी को नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ‘आप’ जनता के बीच जाकर केंद्र सरकार की इस जन-विरोधी नीति का पर्दाफाश करेगी।
आम आदमी पार्टी ने साफ किया है कि जब तक भारत–अमेरिका फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को वापस नहीं लिया जाता, तब तक पार्टी का विरोध और आंदोलन जारी रहेगा।













