07 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Bollywood Desk: मनोज बाजपेयी स्टारर नेटफ्लिक्स की आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ रिलीज से पहले ही बड़े विवाद में फंस गई है। फिल्म के टाइटल में ‘पंडित’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर ब्राह्मण समाज में भारी नाराजगी देखी जा रही है। विरोध अब सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सड़कों पर प्रदर्शन और कानूनी कार्रवाई तक पहुंच चुका है।
फिल्म के नाम को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है, वहीं अब संविधान सम्मान मंच के पदाधिकारी करन सिंह ने मुंबई के बीकेसी पुलिस स्टेशन में नेटफ्लिक्स के खिलाफ औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि इस तरह का कंटेंट समाज में वैमनस्य फैलाने और भारत की सांस्कृतिक छवि को नुकसान पहुंचाने वाला है।
‘नाम ही भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला’
करन सिंह ने कहा कि ‘घूसखोर पंडित’ नाम सुनते ही लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। उनके अनुसार,
“पंडित शब्द का संबंध आस्था, परंपरा और पूजा-पाठ से जुड़ा है। ऐसे में उसके साथ ‘घूसखोर’ जैसे शब्द को जोड़ना पूरे समुदाय को निशाना बनाने जैसा है। यह किसी एक किरदार की कहानी नहीं, बल्कि ब्राह्मण समाज की छवि को गलत तरीके से पेश करने की कोशिश है।”
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि नेटफ्लिक्स किस उद्देश्य से इस तरह के नाम और कंटेंट को बढ़ावा दे रहा है, जो समाज को बांटने का काम कर सकता है।
‘क्या जानबूझकर माहौल बिगाड़ा जा रहा है?’
संविधान सम्मान मंच के पदाधिकारी ने चिंता जताते हुए कहा कि भारत विविधताओं वाला, शांतिप्रिय देश है, जहां सभी धर्मों के लोग साथ रहते हैं। ऐसे में इस तरह का कंटेंट सांप्रदायिक तनाव को जन्म दे सकता है। उन्होंने पूछा कि क्या ओटीटी प्लेटफॉर्म जानबूझकर समाज में असंतोष फैलाना चाहता है।
नेटफ्लिक्स से मुलाकात नहीं, थाने में शिकायत
करन सिंह ने बताया कि पहले उन्होंने नेटफ्लिक्स कार्यालय में जाकर अपनी आपत्ति दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन वहां मिलने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद बीकेसी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई, जहां नेटफ्लिक्स के प्रतिनिधि से बातचीत हुई। हालांकि, मंच का आरोप है कि प्लेटफॉर्म की ओर से अब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है।
माफी और बदलाव की मांग
संविधान सम्मान मंच ने साफ कहा है कि जब तक फिल्म का नाम बदला नहीं जाता, आपत्तिजनक कंटेंट हटाया नहीं जाता और सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी जाती, तब तक विरोध जारी रहेगा। मंच ने संकेत दिए हैं कि जरूरत पड़ी तो देशभर में जागरूकता अभियान और कानूनी लड़ाई को और तेज किया जाएगा।
‘यह सिर्फ विरोध नहीं, एकता की लड़ाई’
करन सिंह ने कहा कि यह मामला सिर्फ एक फिल्म के नाम का नहीं, बल्कि देश की सामाजिक एकता और सांस्कृतिक सम्मान से जुड़ा है।
“हम यह लड़ाई किसी व्यक्ति या कलाकार के खिलाफ नहीं, बल्कि समाज की गरिमा और देश की एकता को बचाने के लिए लड़ रहे हैं।”
फिलहाल, ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है और अब सबकी नजर नेटफ्लिक्स और फिल्म निर्माताओं की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है।













