फिरोज़पुर, 04 अक्टूबर 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Punjab Desk: अतिरिक्त ज़िला मजिस्ट्रेट अमित सरीन, पी.सी.एस. ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 और 152 के अंतर्गत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए ज़िला फिरोज़पुर में विभिन्न प्रतिबंध संबंधी आदेश जारी किए हैं। ये आदेश जारी होने की तिथि से 2 महीने तक प्रभावी रहेंगे।
अतिरिक्त ज़िला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी निषेधाज्ञा के अनुसार ज़िले में अवैध खनन रोकने के लिए शाम 5 बजे से सुबह 7 बजे तक छोटे खनिजों की माइनिंग पर पूर्ण रूप से रोक लगाई गई है।
एक अन्य आदेश में अतिरिक्त ज़िला मजिस्ट्रेट ने शेड्यूल-एच, एच-1 और एक्स दवाइयाँ बेचने वाली फ़ार्मेसी/केमिस्ट की दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया है।
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रिट याचिका (सिविल संख्या 36/2009) में पारित आदेशों की रोशनी में तथा लोगों व बच्चों के बोरवेल/ट्यूबवेल में गिरने की आशंका को ध्यान में रखते हुए ज़िले में बिना अनुमति बोरवेल खोदने या गहरा करने पर रोक लगा दी गई है। इसके लिए सक्षम अधिकारी से पूर्व स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा।
जारी आदेश के अनुसार ज़मीन मालिक को बोरवेल खोदने से पहले संबंधित ज़िला कलेक्टर, बी.डी.पी.ओ., ग्राम पंचायत, नगर परिषद, जनस्वास्थ्य विभाग और ग्राउंड वाटर विभाग को 15 दिन पहले सूचित करना अनिवार्य होगा।
साथ ही, बोरवेल करने वाली ड्रिलिंग एजेंसी का नाम व पंजीकरण नंबर तथा ज़मीन मालिक का पूरा नाम व पता उस स्थान के पास अंकित होना आवश्यक है। बोरवेल के आसपास कांटेदार तार लगाना और उसे स्टील प्लेट से नट-बोल्ट द्वारा ढकना अनिवार्य होगा। इसके अलावा बोरवेल के चारों ओर सीमेंट/कंक्रीट का प्लेटफ़ॉर्म (जो ज़मीनी स्तर से 0.30 मीटर ऊँचा और 0.30 मीटर नीचा हो) बनाया जाना अनिवार्य होगा।
इसके अतिरिक्त कुएँ/बोरवेल खोदने या मरम्मत के बाद यदि कोई खाली जगह बचती है तो उसे मिट्टी से भरना और काम पूरा होने के बाद ज़मीन की सतह को पहले जैसा करना ज़रूरी होगा। कुआँ या बोरवेल किसी भी हालत में खाली नहीं छोड़ा जाएगा।
ये आदेश जारी होने की तिथि से 2 महीने तक प्रभावी रहेंगे।













