MSME को राहत की तैयारी: युद्ध प्रभावित क्षेत्रों के लिए 2.5 लाख करोड़ तक की कर्ज गारंटी योजना जल्द संभव

04 अप्रैल, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Business Desk:  भारत सरकार पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के असर से जूझ रहे उद्योगों को राहत देने के लिए बड़ी कर्ज गारंटी योजना लाने की तैयारी में है। इस योजना के तहत 2 से 2.5 लाख करोड़ रुपये तक की गारंटी दी जा सकती है, जिससे खासकर MSME और निर्यात क्षेत्र को मदद मिलेगी।

सूत्रों के अनुसार, यह योजना कोविड काल की आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ECLGS) की तर्ज पर तैयार की जा रही है। इसे वित्तीय सेवा विभाग द्वारा अंतिम रूप दिया जा रहा है और अगले कुछ हफ्तों में इसकी घोषणा संभव है।

इस योजना का उद्देश्य उन कंपनियों को आसान कर्ज उपलब्ध कराना है, जो आपूर्ति शृंखला में बाधा, कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और लॉजिस्टिक खर्च में इजाफे से प्रभावित हो रही हैं। सरकार की गारंटी मिलने से बैंकों के लिए ऐसे उद्योगों को ऋण देना आसान होगा।

विशेष रूप से MSME क्षेत्र और निर्यात से जुड़े कारोबार इस योजना के प्रमुख लाभार्थी होंगे। ये सेक्टर नकदी प्रवाह पर निर्भर होते हैं और वैश्विक अनिश्चितताओं के प्रति अधिक संवेदनशील रहते हैं।

सरकार का मानना है कि इस कदम से उद्योगों को भरोसा मिलेगा और वे कठिन परिस्थितियों में भी अपना संचालन जारी रख पाएंगे। साथ ही, इससे रोजगार पर भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।

गौरतलब है कि कोरोना काल में लागू ECLGS योजना के तहत 1.19 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को करीब 3.62 लाख करोड़ रुपये की कर्ज गारंटी दी गई थी, जिससे MSME सेक्टर को बड़ा सहारा मिला था।

वैश्विक तनावों के बावजूद भारत का निर्यात क्षेत्र फिलहाल स्थिर बना हुआ है, लेकिन संभावित जोखिमों को देखते हुए सरकार पहले से ही एहतियाती कदम उठा रही है।