Premanand Maharaj Pravachan: पिछले जन्म के कर्मों का फल इस जन्म में क्यों मिलता है? संत प्रेमानंद महाराज ने समझाया कारण

Premanand Maharaj Pravachan: पिछले जन्म के कर्मों का फल इस जन्म में क्यों मिलता है? संत प्रेमानंद महाराज ने समझाया कारण

27 नवंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Rashifal Desk:  वृंदावन के प्रसिद्ध संत और आध्यात्मिक गुरु प्रेमानंद महाराज अपने प्रवचनों के माध्यम से कर्म, धर्म और जीवन के गहरे सिद्धांतों को सरल भाषा में समझाते हैं। हाल ही में एक प्रवचन के दौरान एक महिला श्रद्धालु ने उनसे पूछा—
“पिछले जन्म के कर्मों का फल हमें इस जन्म में क्यों मिलता है?”
इस प्रश्न का उत्तर देते हुए महाराज ने कर्म सिद्धांत को अत्यंत सहज और व्यावहारिक उदाहरण से समझाया।
“भगवान की न्यायालय में देर है, अंधेर नहीं”—प्रेमानंद महाराज
महाराज ने कहा कि जैसे किसी अपराध की कानूनी प्रक्रिया तुरंत समाप्त नहीं होती, मामला कई सालों तक चलता है, उसी प्रकार भगवान का न्याय भी समय के अनुसार होता है। उन्होंने कहा—
“किसी को मार दोगे तो क्या फांसी तुरन्त मिल जाती है? अदालत में केस चलता है। इसी तरह भगवान की बहुत बड़ी न्यायालय है, जहाँ हर कर्म का सटीक हिसाब रखा जाता है।”
महाराज ने बताया कि 100 जन्म पुराने पाप भी व्यक्ति को भोगने पड़ते हैं, क्योंकि ईश्वर का न्याय अटल और पूर्ण है।
“भगवान के दरबार में न गवाही चलती है, न घूस”—महाराज
उन्होंने कहा कि ईश्वर के न्याय में कोई पक्षपात नहीं होता।
“भगवान के दरबार में न सिफारिश चलती है और न घूस। उनका रजिस्टर देर से खुलता है, लेकिन जब खुलता है तो हिसाब बिल्कुल पक्का होता है।”
“पाप कर्म करने के बाद वह चाहे छुप जाए, लेकिन समय आने पर उसका दंड अवश्य मिलता है। इसलिए बुरे कर्मों से बचें और अच्छे कर्म करें।”
मंत्र जप और सत्कर्म से ही कल्याण—प्रेमानंद महाराज
प्रेमानंद महाराज ने कहा कि नाम-स्मरण और सत्कर्म ही मनुष्य का वास्तविक कल्याण करते हैं।
उनके लाखों भक्त नियमित रूप से उनके प्रवचन सुनते हैं और उनके बताए मार्ग पर चलने का प्रयास करते हैं।