Pregnancy Thyroid: प्रेगनेंसी में क्यों बढ़ जाता है थायरॉइड का खतरा? जानें बचाव के तरीके

Pregnancy Thyroid: प्रेगनेंसी में क्यों बढ़ जाता है थायरॉइड का खतरा? जानें बचाव के तरीके

02 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Health Desk:  थायरॉइड की समस्या महिलाओं में आम है और प्रेगनेंसी के दौरान इसका खतरा और बढ़ जाता है। डॉक्टरों के अनुसार गर्भावस्था में शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिनका प्रभाव थायरॉइड ग्लैंड पर पड़ता है। एस्ट्रोजन स्तर बढ़ने से थायरॉइड अत्यधिक सक्रिय हो सकता है, जबकि आयोडीन की कमी भी इस समस्या को बढ़ाती है। यह स्थिति मां और बच्चे दोनों के लिए जोखिम भरी हो सकती है, इसलिए शुरुआती जांच जरूरी है। थायरॉइड दो प्रकार का होता है—हाइपोथायरॉइड और हाइपरथायरॉइड, जिनके लक्षण अलग होते हैं, लेकिन दोनों में इलाज जरूरी है। पहले थायरॉइड होने, मिसकैरेज का इतिहास होने या शुरुआती महीनों में जोखिम अधिक रहता है। बचाव के लिए गर्भावस्था की पहली विज़िट में TSH टेस्ट करवाएं, आयोडीन युक्त नमक लें और दवाइयां समय पर लें।