09 January 2026 Fact Recorder
National Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत पर दुनिया का भरोसा ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है और इसी विश्वास के आधार पर देश को अपने विशिष्ट और जिम्मेदार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल विकसित करने चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि भारतीय एआई मॉडल नैतिक, निष्पक्ष, पारदर्शी और डेटा निजता के मजबूत सिद्धांतों पर आधारित हों, साथ ही स्थानीय, स्वदेशी कंटेंट और क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा दें।
इंडिया एआई इंपैक्ट समिट–2026 से पहले भारतीय एआई स्टार्टअप्स के साथ हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को केवल तकनीक अपनाने वाला देश नहीं, बल्कि वैश्विक नेतृत्व करने वाला देश बनना चाहिए। उन्होंने स्टार्टअप्स से आह्वान किया कि वे किफायती, समावेशी और मितव्ययी नवाचार के जरिए दुनिया को दिशा दिखाएं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्टार्टअप्स और एआई उद्यमी भारत के भविष्य के सह-निर्माता हैं। बैठक में अगले महीने होने वाली इंडिया एआई इंपैक्ट समिट के लिए चयनित 12 भारतीय एआई स्टार्टअप्स ने भाग लिया और अपने विचार, नवाचार और कार्यों को साझा किया।
बाद में सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के युवाओं के साथ एआई पर हुई यह बातचीत बेहद ज्ञानवर्धक रही। उन्होंने बताया कि ये स्टार्टअप ई-कॉमर्स, मार्केटिंग, इंजीनियरिंग सिमुलेशन, मटीरियल रिसर्च, हेल्थकेयर, मेडिकल रिसर्च समेत कई अहम क्षेत्रों में प्रभावी कार्य कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने सामाजिक भलाई के लिए एआई के उपयोग पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सरकार एआई से जुड़े सभी नवाचारों को पूरा समर्थन देगी, ताकि ‘मेड इन इंडिया, मेड फॉर द वर्ल्ड’ की भावना को और मजबूत किया जा सके। उन्होंने कहा कि भारत में नवाचार और बड़े पैमाने पर उसके क्रियान्वयन की अपार क्षमता है और एआई इस बदलाव का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि भारत अगले महीने इंडिया एआई इंपैक्ट समिट की मेजबानी करेगा, जो तकनीकी क्षेत्र में देश की बढ़ती भूमिका को दर्शाएगा। उन्होंने दोहराया कि भारत को दुनिया के सामने एक ऐसा विशिष्ट एआई मॉडल प्रस्तुत करना चाहिए, जो भारतीय मूल्यों और वैश्विक जरूरतों दोनों को ध्यान में रखे।
बैठक में मौजूद एआई स्टार्टअप्स के प्रतिनिधियों ने भारत में एआई इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि एआई नवाचार और उसके विस्तार का केंद्र तेजी से भारत की ओर शिफ्ट हो रहा है और देश वैश्विक एआई मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
इस बैठक में अवतार, भारतजेन, फ्रैक्टल, जेन, जेनलूप, ग्यानी, इंटेलीहेल्थ, सर्वम, शोध एआई, सोकेट एआई, टेक महिंद्रा और जेंटेइक जैसे प्रमुख एआई स्टार्टअप्स के प्रतिनिधि शामिल हुए। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्यमंत्री जितिन प्रसाद भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।













