PM Modi, Yamunanagar Visit, 800MW Thermal Power Plant | Foundation Ceremony | पीएम मोदी के यमुनानगर दौरे की तैयारियां पूरी: 20 एंट्री गेट, सुरक्षा के कड़े इंतजाम, अधिकारियों ने किया कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण – Jagadhari News

पीएम मोदी के दौरे को लेकर रैली स्थल पर मंच तौयार।

यमुनानगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को लेकर प्रशासनिक पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल पर पूर्वाभ्यास किया। 14 अप्रैल यानी कल पीएम मोदी 800 मेगावाट की तीसरी इकाई का शिलान्यास करेंगे।

कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए 20 एंट्री गेट बनाए गए हैं। इससे आने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके। प्रशासन ने सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है।

अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया

अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने सुरक्षा, पार्किंग, जलपान और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की। प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

थर्मल पावर प्लांट में निर्माण में लगेगा 50 महीने का समय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को हरियाणा में 800 मेगावाट क्षमता वाले थर्मल पावर प्लांट का शिलान्यास करेंगे। निर्माण कार्य तुरंत शुरू करने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। साइट पर कन्क्रीट मिक्सर ट्रक पहले से ही तैनात हैं।

यह प्लांट अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल तकनीक पर आधारित होगा। इसके निर्माण में लगभग 50 महीने का समय लगेगा। भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) इस प्रोजेक्ट का निर्माण करेगी।

थर्मल पावर प्लांट के निर्माण स्थल पर साइट पर कन्क्रीट मिक्सर ट्रक।

थर्मल पावर प्लांट के निर्माण स्थल पर साइट पर कन्क्रीट मिक्सर ट्रक।

कोयला आधारित प्लांट होगा प्लांट

प्लांट के चालू होने के बाद हरियाणा बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर हो जाएगा। वर्तमान में राज्य को अपनी बिजली जरूरतों के लिए अन्य स्रोतों से खरीद करनी पड़ती है। यह कोयला आधारित प्लांट होगा। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्लांट में फ्यूल गैस डिसल्फराइजेशन (एफजीडी) सिस्टम लगाया जाएगा।

यह सिस्टम सल्फर डाइऑक्साइड को फिल्टर कर वायु प्रदूषण को नियंत्रित करेगा। प्लांट पर्यावरण मंत्रालय के सभी मानकों का पालन करेगा। इस प्रोजेक्ट से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। यह प्लांट न केवल बिजली उत्पादन में वृद्धि करेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगा।