मुंबई में आज मैरीटाइम कॉन्क्लेव को संबोधित करेंगे पीएम मोदी, 85 देशों से आएंगे एक लाख से ज्यादा प्रतिनिधि

मुंबई में आज मैरीटाइम कॉन्क्लेव को संबोधित करेंगे पीएम मोदी, 85 देशों से आएंगे एक लाख से ज्यादा प्रतिनिधि

29 अक्टूबर 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

National Desk: PM Modi आज मुंबई में करेंगे Maritime Leaders Conclave को संबोधित, 85 देशों से आएंगे एक लाख प्रतिनिधि                                                                                                प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मुंबई में चल रहे India Maritime Week 2025 के दौरान Maritime Leaders Conclave को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी Global Maritime CEO Forum की अध्यक्षता भी करेंगे। पूरा आयोजन मुंबई के नेस्को एग्जीबिशन सेंटर में हो रहा है, जहां प्रधानमंत्री शाम 4 बजे पहुंचेंगे।

वैश्विक स्तर पर भारत की समुद्री शक्ति का प्रदर्शन

यह कार्यक्रम भारत की बढ़ती समुद्री क्षमता और वैश्विक साझेदारी को दर्शाने वाला है। पांच दिवसीय Maritime Week (27 से 31 अक्टूबर) में 85 देशों से करीब 1 लाख प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान वैश्विक समुद्री नेतृत्व, निवेशक, नीति निर्माता और नवाचारक समुद्री क्षेत्र के भविष्य पर विचार-विमर्श करेंगे।

 “Unite Oceans, One Maritime Vision” थीम

इस साल कार्यक्रम की थीम “Unite Oceans, One Maritime Vision (सागर एक, दृष्टि एक)” रखी गई है। इसमें भारत के Maritime Amrit Kaal Vision 2047 को प्रमुखता दी जा रही है, जिसके चार मुख्य उद्देश्य हैं:
1️⃣ पोर्ट आधारित विकास
2️⃣ शिपिंग और शिपबिल्डिंग को बढ़ावा
3️⃣ लॉजिस्टिक्स को सरल बनाना
4️⃣ समुद्री कौशल विकास

 पीएम मोदी का संदेश

कार्यक्रम से पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि वे “Maritime Leaders Conclave को संबोधित करने और Global Maritime CEO Forum की अध्यक्षता करने जा रहे हैं।” उन्होंने इसे समुद्री क्षेत्र में वैश्विक सहयोग बढ़ाने और भारत के सुधारों को प्रदर्शित करने का उत्कृष्ट अवसर बताया।

 क्यों अहम है यह कॉन्क्लेव

Maritime Leaders Conclave को भारत के लिए रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत खुद को वैश्विक समुद्री शक्ति (Maritime Power) के रूप में स्थापित करना चाहता है। इस मंच के ज़रिए भारत निवेश, तकनीक और नीतिगत साझेदारी को नई दिशा देने की कोशिश में है।

निष्कर्ष:
मुंबई में चल रहे इस वैश्विक समुद्री सम्मेलन के जरिए भारत ने अपने “समुद्री अमृतकाल” की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया है। पीएम मोदी का संबोधन इस दिशा में भारत के विजन और नेतृत्व को मजबूती से प्रस्तुत करेगा।