04 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
International Desk: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुरुवार को भारत के दो दिवसीय दौरे पर पहुंच रहे हैं। उनका विशेष विमान शाम 4:30 बजे से 6:30 बजे के बीच दिल्ली में लैंड करेगा। भारत सरकार ने उनके स्वागत की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं, वहीं जनता में भी उत्साह देखते ही बन रहा है। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में लोगों ने पुतिन की तस्वीर के सामने आरती उतारी और बैंड-बाजे के साथ स्वागत मार्च निकाला। महिलाओं की बड़ी संख्या इस मार्च में शामिल रही, जहां “भारत-रूस दोस्ती जिंदाबाद” के नारे लगाए गए।
पुतिन का भारत दौरा: पूरा शेड्यूल
दिल्ली पहुंचने के बाद पुतिन सीधे प्रधानमंत्री आवास जाएंगे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके लिए विशेष प्राइवेट डिनर होस्ट करेंगे। शुक्रवार सुबह राष्ट्रपति भवन में उनका औपचारिक स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर होगा। इसके बाद पुतिन राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे।
शुक्रवार को हैदराबाद हाउस में 23वां भारत-रूस वार्षिक सम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें पीएम मोदी और पुतिन द्विपक्षीय मुद्दों—रक्षा सौदे, ऊर्जा, व्यापार, वैश्विक स्थिरता—पर चर्चा करेंगे। SU-57 जेट, S-500 मिसाइल सिस्टम और ब्रह्मोस सहयोग जैसे अहम समझौते संभावित हैं। शाम को दोनों नेता भारत मंडपम में इंडिया-रशिया बिजनेस फोरम को संबोधित करेंगे। रात को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भोज देंगी, जिसके बाद पुतिन के रात 9:30 बजे भारत छोड़ने की संभावना है।
दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
पुतिन की यात्रा को देखते हुए दिल्ली को अभेद्य सुरक्षा घेरा दिया गया है। दिल्ली पुलिस के साथ केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां, SWAT और एंटी-टेरर स्क्वायड तैनात रहेंगे। रूसी सुरक्षा टीम पहले ही सुरक्षा प्रोटोकॉल की जांच कर चुकी है।
भारत-रूस: मजबूत साझेदारी
यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पुतिन की पहली भारत यात्रा है। उनकी अंतिम भारत यात्रा 2021 में हुई थी। प्रधानमंत्री मोदी 2024 और 2025 में रूस के दौरों के दौरान पुतिन से कई बार मुलाकात कर चुके हैं। दोनों नेताओं की दोस्ती और बढ़ते रक्षा-ऊर्जा सहयोग को देखते हुए यह दौरा रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह यात्रा उन परिस्थितियों में भी अहम है जब पश्चिमी देशों के साथ रूस के संबंध तनावपूर्ण हैं और एशियाई देशों के बीच नई साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।











