पी.ए.यू. प्रबंधकी बोर्ड सदस्य द्वारा के.वी.के. फिरोज़पुर का दौरा किया गया

लुधियाना स्थित पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पी.ए.यू.) के प्रबंधकी बोर्ड की सदस्य श्रीमती भुपिंदर कौर संधू ने 03 अक्तूबर 2025 को कृषि विज्ञान केंद्र

04 अक्टूबर 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Punjab Desk:  लुधियाना स्थित पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पी.ए.यू.) के प्रबंधकी बोर्ड की सदस्य श्रीमती भुपिंदर कौर संधू ने 03 अक्तूबर 2025 को कृषि विज्ञान केंद्र (के.वी.के.), फिरोज़पुर का दौरा किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य केंद्र की विभिन्न गतिविधियों का गहन अवलोकन करना था।

डॉ. गुरमेल सिंह संधू, डिप्टी डायरेक्टर (ट्रेनिंग), के.वी.के. फिरोज़पुर ने श्रीमती संधू का स्वागत किया और सबसे पहले उन्हें मिट्टी और पानी परीक्षण प्रयोगशाला से अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि यह प्रयोगशाला मिट्टी और पानी के नमूनों की जांच कर किसानों को उनके खेतों की मिट्टी और पानी की स्थिति के आधार पर खाद और अन्य वैज्ञानिक सिफारिशें प्रदान करती है। इसके बाद श्रीमती संधू ने गृह विज्ञान लैब का दौरा किया। डॉ. दिव्या जैन, सहायक प्रोफेसर (गृह विज्ञान) ने बताया कि यह लैब के.वी.के. के सामाजिक प्रसार कार्यों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहाँ ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण, प्रसंस्करण, स्वरोज़गार और खाद्य सुरक्षा संबंधी जानकारी दी जाती है।

डॉ. हरप्रीत कौर, सहायक प्रोफेसर (भूमि विज्ञान) ने केंद्र में स्थापित जैविक खाद, डेयरी तथा अज़ोला इकाई के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
डॉ. भल्लण सिंह सेखों, सहायक प्रोफेसर (सब्ज़ी विज्ञान) ने तकनीकी पार्क, सब्ज़ी एवं फल पोषण बागवानी तथा ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा देने के लिए लगाए गए यूनिट के बारे में बताया।
डॉ. सिमरनजीत कौर, सहायक प्रोफेसर (पौध संरक्षण) ने मधुमक्खी पालन इकाई और के.वी.के. द्वारा तैयार कर बिक्री किए जा रहे शहद से संबंधित जानकारी दी।

दौरे के दौरान डॉ. गुरमेल सिंह संधू ने बताया कि ये इकाइयाँ खेती की समग्र प्रणाली का अभिन्न हिस्सा हैं, जो फसलों से अलग किसानों की आय में विविधता लाती हैं और युवाओं को भी इन क्षेत्रों से जुड़ी प्रशिक्षण सुविधाएँ प्रदान करती हैं। उन्होंने के.वी.के. द्वारा स्थापित किए जा रहे खजूर और जामुन के प्रदर्शन ब्लॉकों की जानकारी भी साझा की।

दौरे के अंत में, श्रीमती भुपिंदर कौर संधू ने के.वी.के. फिरोज़पुर की टीम द्वारा की जा रही गतिविधियों की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कृषि तकनीकों को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित करने की केंद्र की क्षमता की सराहना की और के.वी.के. को पंजाब के किसानों के लिए उम्मीद की एक महत्वपूर्ण किरण बताया।

प्रशंसा के साथ-साथ, बोर्ड सदस्य श्रीमती भुपिंदर कौर संधू ने भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए के.वी.के. की कार्यकुशलता में और सुधार लाने के लिए कई महत्वपूर्ण और रणनीतिक सुझाव भी प्रस्तुत किए।